रेल पटरी चोरी करने वाले गिरोह का मुखिया गिरफ्तार, कई बड़ी स्टील कंपनियों के नाम भी आ सकते है सामने

जबलपुर में आरपीएफ पुलिस (RPF Police) को बड़ी सफलता हाँथ लगी है। जहां स्टेट पुलिस की मदद से एक ऐसे रेल पटरी चोर के गिरोह का खुलासा किया है जिसके तार मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (MadhyaPradesh-Chhattisgarh) सहित कई राज्यो से चोरी के तार जुड़े हुए थे

जबलपुर, संदीप कुमार। कई समय से चल रही करोड़ो रुपत की रेल पटरी की चोरियों के चलते रेलवे की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा था। जिसके बाद जबलपुर (Jabalpur) में आरपीएफ पुलिस (RPF Police) को बड़ी सफलता हाँथ लगी है। जहां स्टेट पुलिस की मदद से एक ऐसे रेल पटरी चोर के गिरोह का खुलासा किया है जिसके तार मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (MadhyaPradesh-Chhattisgarh) सहित कई राज्यो से चोरी के तार जुड़े हुए थे, ये गिरोह रेल पटरी चोरी को इस तरह से अंजाम दिया करता था जिसे की कोई कभी सोच ही नहीं सकता है, गिरोह का सरगना विनोद मराठा है जो कि मूलतः छत्तीसगढ़ का रहने वाला है और अपने गिरोह के साथ कई राज्यो से रेल पटरी चोरी की थी।

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जनवरी 2020 में कटनी में की थी चोरी
मूलतः छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव का रहने वाला गिरोह का सरगना विनोद मराठा ने जनवरी 2020 को कटनी से करीब 20 टन रेल पटरी चोरी की थी,चोर विनोद मराठा के साथ उसके कई साथी और कर्मचारी भी रहते थे। इसके साथ ही विनोद अपने साथ क्रेन और ट्राला लेकर चलता था और जहाँ कही उसे जानकारी लगती थी कि यहाँ पर रेल पटरी पड़ी हुई है वह वहाँ पहुँच जाता और पल में ही क्रेन के माध्यम से गायब कर देता था वजनी लोहे की रेल पटरी,आरपीएफ ने विनोद मराठा के पास से करीब 92 टन रेल पटरी बरामद की है

उड़ीसा से लेकर आता था मजदूर-मौके पर ही काटता था पटरी
आरपीएफ के मुख्य सुरक्षा आयुक्त ने बताया कि विनोद मराठा अपने नेटवर्क के जरिए पहले उन स्थानों की रेकी करता था। जहाँ पर की नई रेल लाइन या फिर कबाड़ पड़ा हुआ है उसके बाद वह क्रेन-ट्राला और कटर मशीन लेकर मौके पर पहुँचता और वही पर रेल पटरी को काटता और फिर ट्राला में भरकर उसे ले जाता,आरोपी इतना शातिर था कि अपने इस कार्य के लिए वह उड़ीसा से अच्छी कीमत पर मजदूरों को लेकर आता और फिर उनसे यह काम करवाता था।

यहाँ बेचा करते थे रेल पटरी
आरपीएफ सुरक्षा आयुक्त अरुण कुमार द्विवेदी का कहना है कि विनोद मराठा रेल पटरी चोरी करने के बाद उसे रायपुर-भिलाई में स्टील कंपनियो को बेचा करता था, विनोद मराठा रेल पटरी चोरी के खेल में करीब 15-20 साल से लिप्त है,पश्चिम मध्य रेल्वे आरपीएफ ने विनोद मराठा के ऊपर चोरी के करीब तीस से ज्यादा केस रजिस्टर्ड किए है,जानकारी के मुताबिक रेल पटरी खरीदने को लेकर कई बड़ी स्टील कंपनियो के नाम सामने आए है जिसकी जाँच आरपीएफ के साथ साथ स्टेट पुलिस कर रही है।

चार रेल्वे जॉन की आरपीएफ सहित स्टेट पुलिस को थी तलाश
रेल पटरी चोर विनोद मराठा और उसकी टीम की न सिर्फ पश्चिम मध्य रेलवे (West Central Railway ) सहित तीन अन्य ज़ोन की आरपीएफ और स्टेट पुलिस को इस चोर की तलाश थी, पर आखिरकार WCR आरपीएफ ने मार्च में साइबर सेल की मदद से विनोद को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की, विनोद मराठा पर एनएसए की भी कार्यवाही बाद में की गई। स्टेट पुलिस सहित रेल्वे के लिए आंतक का पर्याय बन चुके विनोद मराठा की गिरफ्तारी के बाद आखिर रेल्वे और पुलिस ने चेन की सांस ली, बहरहाल अभी तक विनोद मराठा से हुई पूछताछ में कई बड़े स्टील कंपनियो (Steel companies) के नाम सामने आए है जिनसे आरपीएफ जल्द ही रिकवरी करने की तैयारी में जुटी गई है।

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