जबलपुर।

मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने जबलपुर आईजी को नोटिस जारी करते हुए बरबर्तापूर्ण तरीके से की गई मारपीट के मामले मे जवाब मांगा है। ये मारपीट दो छात्रों के साथ 4 नवम्बर को की गई थी जिसमें उनका वीडियो बनाकर वायरल किया गया था। छात्रों को आरोपियों ने अर्धनग्न कर बुरी तरह से पीटा था और जान से मारने की धमकी भी दी थी। मानव अधिकार आयोग ने 2 सप्ताह के भीतर मामले मे रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए है। आयोग ने पूछा है कि क्या मामले में एफआईआर दर्ज करने मे कोई लेटलतीफी बरती गई ? और पूरे मामले मे अब तक क्या कार्यवाही की गई है। 

दरअसल, जबलपुर के अधारताल थाना क्षेत्र में दो छात्रों के साथ कुछ बदमाशों ने जमकर मारपीट की थी. इतना ही नहीं दोनों छात्रो की कपड़े उतारकर पैर बांधकर पिटाई करने के बाद मारपीट का वीडियो भी वायरल कर दिय था जिसके बाद पीड़ितों ने अधारताल थाने में एफआईआर दर्ज कराई। ये बताया गया कि मारपीट करने वाले आरोपियों में से कुछ के खिलाफ पहले से ही गंभीर अपराध दर्ज हैं और आरोपी पुलिस रिकार्ड में फरार हैं. वहीं दूसरी तरफ दिनदहाड़े दो युवकों को अपहरण कर मारपीट करना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। घटना पर सख्त कार्रवाई न होने से दुखी छात्र स्वप्निल शिवहरे और आकाश पटेल भाजपा विधायक इंदु तिवारी के पास पहुंचे थे और अपनी पीड़ा बताई थी । पीड़ित छात्र सुहागी के रहने वाले थे और पाटन में परीक्षा देने जा रहे थे, रास्ते में राजेंद्र मेहरा उर्फ बड़े मियां अपने दोस्तों के साथ मिला जिसने उन्हें पकड़ लिया और एक कार में बिठाकर जबरन सुनसान जगह पर ले गए जहां दोनों के साथ मारपीट की, इसके बाद पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देते हुए रास्ते में छोड़कर भाग गए।