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भोपाल/कटनी। वंदना तिवारी। 

मध्य प्रदेश की खजुराहो सीट पर लगातार दो बार से बीजेपी का कब्जा है। लेकिन इस बार बीजेपी की राह आसान नजर नहीं आ रही है। यहां स्थानीय उम्मीदवार का मुद्दा बीजेपी के सामने चुनौती बनकर खडा है। मुरैना के बीडी शर्मा को यहां से उम्मीदवरा घोषित किया गया है। लेकिन उन्हे स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं का साथ नहीं मिल रहा है। वहीं, कांग्रेस ने इस सीट पर महिला कार्ड खेला है। यहां से कविता सिंह को उतारा गया है। खजुराहो संसदीय क्षेत्र तीन जिलों पन्ना, छतरपुर और कटनी में फैला है। इनमें से दो विधानसभा क्षेत्र छतरपुर जिले के हैं। जबकि पन्ना और कटनी जिलों के तीन-तीन विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। 

दरअसल, कविता सिंह शुक्रवार को कटनी में चुनाव प्रचार करने पहुंची थीं। यहां उन्होंने कहा कि, यहां लोगों को पीने का पानी नहीं है। किसानों के चंदला क्षेत्र में 60 फीसदी जमीन सूखी पड़ी है जबकि वह भूमि काफी उपजाऊ है। लेकिन पानी नहीं मिलने से किसानों का पलायन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसानों का समर्थन मिल रहा है। पन्ना में भी केन बेतवा का मुद्दा हावी है। इसका हल निकालेंगे। बता दें कि कविता सिंह खजुराहो से ताल्लुक खती है। उनकी पति नाती राजा चार बार से खजुराहो से विधायक हैं। वह स्वयं पन्ना राजघराने से हैं। इस सीट पर कहा जाता है जिस उम्मीदवार को पन्ना से समर्थन मिलेगा वही जीतेगा। क्योंकि पन्ना में मतदाताओं की संख्या अधिक है और वह इस लोकसभा सीट पर निर्णायक भूमिका में रहते हैं। 

विता के सामने बीडी शर्मा की मुश्किलें कम नही होगी। चुंकी शर्मा के बाहरी होने पर स्थानीय नेताओं ने नाराजगी जताई है। भाजपा की पूर्व मंत्री ललिता यादव पहले ही खजुराहो सीट से पार्टी का टिकट मांग रही थीं, इसे लेकर उनके समर्थक कई बार पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रदर्शन भी कर चुके थे। खजुराहो लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने छतरपुर राजपरिवार की बहू पर दांव लगाया है। वर्ष 2015 से खजुराहो नगर पंचायत अध्यक्ष कविता सिंह के ससुर राजा बलवंत सिंह का विवाह पन्ना राज परिवार में हुआ था। कविता सिंह के पति विक्रम सिंह नातीराजा खजुराहो से तीन बार से विधायक हैं। कविता सिंह से रिश्ता रखने वाले दोनों राजपरिवार खजुराहो लोकसभा सीट इलाके में ही आते और प्रभाव रखते हैं।