कटनी पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल

कटनी। वंदना तिवारी।

एक बार फिर कटनी पुलिस ने मानवता की मिसाल कायम की है। एक बार फिर कटनी पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है। एक श्रमिक पति यूपी के आजमगढ़ से अपनी घायल पत्नी को लकड़ी की बनी हाथ गाड़ी में बैठाकर दो बच्चों समेत छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के लिए निकला था. तभी कटनी बाईपास बैरियर पर तैनात पुलिस की नजर इन लोगों पर पड़ते ही उन्होंने मानवता दिखाते हुए इस परिवार को पहले इनके हांथो को सेनेटाइज कार्य उसके बाद खाना खिलवाया और फिर एक कार में बैठाकर घर के लिए रवाना किया।

घायल पत्नी को हाथ गाड़ी पर ले जा रहा था पति, पुलिस ने कार से भिजवाया घर। बताया जा रहा है कि युवक अपनी घायल पत्नी को लकड़ी की बनाई हुई हाथ गाड़ी में बैठाकर आ रहा था. पत्नी के एक पैर में प्लास्टर बंधा हुआ था. जिसे देखकर पुलिस का मन भी पसीज गया. उन्होंने इस परिवार को पहले तो खाना खिलवाया और उनसे पूछा कि उन्हें कहां जाना है. इसके बाद मदद करते हुए पुलिस ने एक कार में उनके परिवार को बैठाकर बिलासपुर जाने का प्रबंध किया. इस पूरे मामले में माधवनगर थाना के एक आरक्षक विजेंद्र तिवारी ने अहम भूमिका निभाई है प्राप्त जानकारी के अनुसार पति का नाम राकेश कोत्रे है जो अपनी पत्नी रामेशवरी कोत्रे और दो छोटे बच्चों के साथ अपने घर जा रहा था. उनका परिवार ग्राम दलदली जिला बिलासपुर का रहने वाला है. वह आजमगढ़ में काम करता था. लॉकडाउन के चलते उनका काम धंधा बंद हो गया. जिसके बाद उन लोगों ने अपने घर छत्तीसगढ़ जाने का फैसला किया

प्रधान आरक्षक विजेंद्र तिवारी ने बताया हमने देखा कि सड़क पर एक परिवार जा रहा था जिसमें घर का मुखिया ठेला गाड़ी में अपने परिवार को खींच रहा था. उसमें उसकी पत्नी और दो बच्चे बैठे हुए थे. महिला का पैर टूटा हुआ था पैर में प्लास्टर चढ़ा देखकर मुझे काफी भावुकता महसूस हुई. मैंने उनके पास जाकर पूछा तो उन्होंने बताया कि हम यूपी से आ रहे हैं. उन्हें कई दिनों तक पैदल चलना पड़ा है. उन लोगों ने बताया कि कुछ जगह उन्हें साधन मिल गया और कभी-कभी हमें साधन नहीं मिला. अभी वह भूखे हैं. तो उनके लिए भोजन का प्रबंध किया गया. उनके पति ने अपना नाम राजेश और उनकी पत्नी ने अपना नाम रामेश्वरी बताया है. उनके दो छोटे-छोटे बच्चे थे. प्रधान आरक्षक विजेंद्र तिवारी के कहा कि उन लोगों ने बिलासपुर जाने की इच्छा जताई तो मैंने कहा कि आप इस ठेला गाड़ी से नहीं जाएंगे. मैं आपके लिए कोई दूसरी व्यवस्था कर रहा हूं. कुछ समय बाद मैंने उनको चार पहिया वाहन मुहैया कराया ताकि वो सुरक्षित घर जा सकें. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.