Katni News : निलंबित शिक्षक का राष्ट्रपति को पत्र- सरकारी संपत्ति चोरी करने की अनुमति दें या फिर

बताया जा रहा है कि मनोज डोंगरे की जिले मेें संकुल बड़वारा में पदस्थापना हुई थी लेकिन वे बगैर किसी सूचना के 8 साल से लापता रहे।

शिक्षक

कटनी, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के कटनी जिले (Katni District) से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां एक निलंबित शिक्षक ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) को एक पत्र लिखा है , जिसमें उन्होंने सरकारी सपंत्ति की चोरी करने की अनुमति मांगी है। शिक्षक का कहना है कि निलंबन अवधि में मेरे ऊपर काफी कर्ज हो गया है, जिसे मैं चुकाने में असमर्थ हूं और मेरे पास आय़ का कोई साधन नही है, ऐसे में मुझे इसकी अनुमति दें।इस पत्र से अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

दरअसस, शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बड़वारा, कटनी (Government Excellent Higher Secondary School, Barwara, Katni) में अटैच निलंबित शिक्षक मनोज डोंगरे (Suspended Teacher Manoj Dongre) ने राष्ट्रपति को एक पत्र लिखा है। इसमें डोंगरे ने लिखा है कि मैं अनुसूचित जाति वर्ग (Scheduled Caste) का अध्यापक मनोज डोंगरे, निलंबन अवधि में सरकारी संपत्ति (Government Property) चोरी करने की अनुमति चाहता हूं। निलंबन अवधि में गुजारा-भत्ता नहीं दिया गया है, जिसके चलते मैं बाहर से काफी कर्जा ले चुका हूं और अब कर्जदार मुझे परेशान कर रहे है। दीपावली भी पैसे की तंगी के बीच निकली और अब मेरे सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया।

टीचर ने आगे लिखा है कि इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) में पांच सितंबर, 2020 को शिकायत भेजने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वहीं संबंधित अधिकारी निरंतर आश्वासन देते चले आ रहे हैं कि शीघ्र गुजारा-भत्ता दिलाया जाएगा, लेकिन अबतक कोई कदम नही उठाया गया है, ऐसे में या तो वेतन दिलवाया जाए या फिर शासकीय संपत्ति चोरी करने अथवा इच्छा मृत्यु (Euthanasia) की अनुमति दी जाए। इसके बाद भी कहीं से कोई राहत न मिली तो बची-खुची आशा भी समाप्त हो जाएगी। मुझे बेगुनाह होते हुए भी झूठे आरोप लगाकर निलंबित कर दिया गया।

बताया जा रहा है कि मनोज डोंगरे की जिले मेें संकुल बड़वारा में पदस्थापना हुई थी लेकिन वे बगैर किसी सूचना के 8 साल से लापता रहे। शिक्षा विभाग ने जब इस बारे में जानकारी ढूंढी तो पता चला कि छतरपुर (Chhatarpur) में रहने के दौरान शिक्षक (Teacher) ने कोई गैरकानूनी काम किया था, जिसके चलते उस पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था, इतना ही नही इस गैर कानूनी काम में न्यायालय ने सजा सुनाई थी और फिर डीईओ कार्यालय (DEO Office) द्वारा निलंबित (Suspended) कर दिया गया था।