खंडवा, सुशील विधानी। खंडवा (Khandwa) में पत्नी को जिंदा जलाने के मामले में खंडवा न्यायालय ने आरोपी पति सहित सास, ससुर, ननंद, जेठ को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में मृतका सादिया को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका उसके पक्ष में गवाहों ने निभाई है। उनके बयान के आधार पर न्यायालय ने माना कि पति ने अपनी पत्नी को घासलेट डालकर जलाया था और उसका सहयोग मृतका ससुराल वालों ने किया था।बातादें कि पति ने हत्या करने के बाद ऐसा घटनाक्रम रचा था जिससे कि यह प्रतीत हो की पत्नी की मौत हादसे के कारण हुई है।

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यह है पूरी घटना
26 वर्षीय सादिया का विवाह खंडवा 16 खोली निवासी मोइनुद्दीन के साथ 18 अप्रैल 2013 हुआ था। विवाह के बाद से ही सादिया को प्रताड़ित किया जा रहा था। दरअसल सादिया के जेठ इरशाद की पत्नी नजमा की 6 लड़कियां थी। और सादिया का एक लड़का और एक लड़की थी। वहीं जेठानी नजमा की मृत्यु हो जाने के बाद उसके सभी बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी ससुराल वालों ने सादिया पर सौंप दी थी। और इसी बात को लेकर हर रोज ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा शादियां को प्रताड़ित कर आ जा रहा था। वहीं पति द्वारा मारपीट भी की जाती। 2018 में सादिया के पति इरशाद ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी पत्नी की मृत्यु जलने से हुई है। जिसमें मृत्यु का कारण अधिक जलना बताया गया है। वहीं सादिया के मायके वालों ने ससुराल पक्ष के ऊपर हत्या का और मारपीट का आरोप लगाया था। जिसके बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर 302, 498 ए ,323, 34 धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस की जांच के अनुसार उस समय दीपक नागले और तहसीलदार अरविंद पाटीदार द्वारा इसकी जांच की गई थी। मौका निरीक्षण करने पर पाया गया था कि मृतका के द्वारा पहने गए अर्ध जले कपड़े बाथरूम में पड़े हुए थे। और खून का नमूना, अंजलि एवं माचिस की तिलिया केरोसिन के सैंपल मृतका के द्वारा पहने गए कपड़े, एक सिलेटी कलर की बाल्टी जली हुई मौके से जब्त की गई। मृतका का शव पंचनामा के प्रचार पोस्टमार्टम के लिए भेज कर डॉक्टरों के दल से पोस्टमार्टम करवाया गया। जांच के दौरान सारा मामला सामने आया। जिसके बाद मायके पक्ष और अन्य आस-पड़ोस के लोगों के बयान दर्ज किए गए थे। पूछताछ कथन एवं घटनास्थल की कार्रवाई एवं पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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