खंडवा, सुशील विधाणी। जिले में निजी स्कूलों द्वारा जमकर अभिभावकों का शोषण किया जा रहा है और यह पूरा खेल शिक्षा विभाग के द्वारा संचालित किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ट्यूशन फीस ली जाए लेकिन निजी स्कूलों द्वारा हर निजी स्कूलों ने अपना ही नियम मापदंड बना लिए हैं। साथ ही विद्यार्थियों से फीस का दबाव बना रहे हैं और जिले में निजी स्कूल बड़ा शोषण कर रही है। हिंदू आर्मी स्टूडेंट माधव झा ने बताया कि अभिभावकों का यह आरोप है कि निजी स्कूलों द्वारा जो शोषण किया जा रहा है। उसका हिंदू आर्मी स्टूडेंट द्वारा खुलकर विरोध किया जा रहा है और यह सतत जारी है।

निजी स्कूल और शिक्षा विभाग की मिलीभगत से हो रहा है अभिभावकों का शोषण : हिंदू आर्मी स्टूडेंट

 

जब तक निजी स्कूलों पर कार्रवाई नहीं होती जब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। कल एक समिति बनाकर कुछ शिक्षकों को निजी स्कूल की फीस वसूली की जांच हेतु जा चुकी है। लेकिन एक एक शिक्षक को चार चार स्कूल दी गई है। यह केवल एक औपचारिकता निभाई जा रही है और यदि सही उचित कार्रवाई और जांच नहीं होती है तो हम आंदोलन के लिए विवश होंगे। आज जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर पहुंचकर हिंदू आर्मी स्टूडेंट के सदस्यों द्वारा जमकर नारेबाजी की गई और समय पर जांच और कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन होगा।