धर्मशाला की अनियमितताओं को लेकर शिवसेना देगी कलेक्टर को ज्ञापन

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खंडवा। सुशील विधानि

शहर की सबसे प्राचीन धर्मशाला जो कि ट्रस्ट के माध्यम से संचालित हो रही है और उसकी निगरानी जिला प्रशासन करता है, लेकिन लगभग 2 ,3 वर्षों से पार्वतीबाई धर्मशाला अनियमितताओं की भेंट चढ़ती जा रही है। शहर के मध्य स्थिति पार्वतीबाई धर्मशाला ट्रस्ट का गठन गरीब, साधु-संतों को बहुत ही कम रेट पर ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए किया गया था, लेकिन पार्वती बाई धर्मशाला पर अब पुलिस वाले, जीआरपी वाले और व्यापारियों का कब्जा होता जा रहा है। यह आरोप लगाते हुए शिवसेना प्रमुख गणेश भावसार व निमाड़ श्रमजीवी पत्रकार संघ के उपाध्यक्ष सुशील विधानि ने बताया कि इस पार्वती बाई धर्मशाला ट्रस्ट में 24 ट्रस्टी थे जिसमें चार ही बचे हैं 25 से 30 साल हो गए अभी तक कोई मीटिंग नहीं हुई सचिव अपनी मनमर्जी से व्यापारियों को दुकाने बेच रहे हैं, साथ ही धर्मशाला के साथ छेड़छाड़ कर नई दुकानें नियमों को ताक में रखकर बनाई जा रही है और मोटी रकम लेकर दुकाने बेची जा रही है। धर्मशाला में टेंट हाउस भी कई वर्षों से बिना नियमों से संचालित हो रहा है। कई वर्षों से नौकरी कर रहे कर्मचारियों को कलेक्ट्रेट रेट से भी कम वेतन दिया जा रहा है। श्री भावसार ने आगे कहा कि ट्रस्टियों में विजय राठी, सुरेश गुप्ता मैनेजर, ऋषि महेश्वरी को सब पता है! लेकिन इन अनियमितताओं की जांच को लेकर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। शहर के मध्य स्थित इस धर्मशाला में लगभग 100 से अधिक दुकानें हैं और अब इन दुकानों को तोड़कर व्यापारी धर्मशाला के अधिकारियों की मिलीभगत से तोड़कर सुसज्जित कर रहे हैं। जहां दूध गली वाले हिस्से में दुकानें गिनती की थी अब वहां पर लाईन से पक्की दुकानें बनाकर बेच दी गई है। लाखों करोड़ों रुपए में इन दुकानों का सौदा हो रहा है। कई दुकानों में तो इतना हेरफेर हुआ है कि दुकानों का साइज ही चेंज हो गया है। सुशील विधानि पत्रकार द्वारा जनसुनवाई में आवेदन  पूर्व में भी दिया गया था  जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है  तथा बार-बार रिमाइंडर करने के बाद भी  यथावत स्थिति बनी है तथा शिवसेना जिला कलेक्टर से अनुरोध करती है कि पार्वती बाई धर्मशाला ट्रस्ट में जो भी भ्रष्टाचार और अनियमितताएं हुई है इसकी एक कमेटी बनाकर जांच करें ताकि दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो सके।