रिश्वत लेना पड़ा महंगा, नप के उपयंत्री को 4 साल की जेल

खरगोन| नगर परिषद के उपयंत्री को रिश्वत लेना महंगा पड़ गया| भीकनगांव नगर परिषद के तत्कालीन उपयंत्री बृजेश कुमार गुप्ता को कोर्ट ने चार साज की सजा और 40 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है| जुर्माना अदा न करने पर 2 साल का अतिरिक्त कारावास की सजा दी गई। यह फैसला गुरुवार को जिला न्यायालय मंडलेश्वर की विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम आरती शर्मा ने सुनाया। गुप्ता को 2016 में लोकायुक्त टीम ने ट्रेस करते हुए रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था।

जानकारी के मुताबिक पैरवी कर रहे अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी प्रदीप अलावा ने बताया बृजेश कुमार वेदप्रकाश गुप्ता (56) निवासी शासकीय क्वार्टर नप भीकनगांव मूल निवासी खरगोन ने नगर परिषद भीकनगांव में लोक सेवक के रूप में उपयंत्री के पद पर पदस्थ रहते हुए शिकायतकर्ता ललित वर्मा से निर्माण कार्यों की पूर्णता प्रमाण पत्र व शेष बिलों के भुगतान के एवज में अपने वैध पारिश्रमिक से भिन्न अवैध पारितोषिक के रूप में स्वयं को लाभ पहुंचाने के आशय से 19 अगस्त 2016 को 15 हजार रु. की मांग की थी। जांच में सही पाने पर सजा सुनाई।

खंडवा के ठेकेदार व फरियादी ललित पिता रामेश्वर वर्मा ने गुप्ता के खिलाफ लोकायुक्त इंदौर को शिकायत की थीं। ठेकेदार वर्मा से नगर परिषद भीकनगांव में नाली निर्माण के बदले गुप्ता ने 15 हजार रुपए बतौर रिश्वत की डिमांड की थीं। अगले दिन फरियादी रुपए लेकर गुप्ता के शासकीय आवास पहुंचा। यहां रुपए लेने के बाद लोकायुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार किया ।

फरियादी ने लोकायुक्त एसपी इंदौर में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि वर्ष 2014-15 में नप भीकनगांव में वार्ड क्रमांक 11 में 13 लाख 71 हजार रुपए की लागत से नाली निर्माण, वार्ड क्रमांक 4, 7, 13 व 14 में निविदा अनुसार पैवर ब्लॉक का कार्य जिसकी लागत 11 लाख 44 हजार रुपए थी। दोनों निर्माण कार्यों का वर्क आर्डर 27 जनवरी 2015 को सीएमओ से मिला था। समय सीमा में दोनों कार्य पूर्ण कर दिए गए थे। पैवर ब्लाॅक कार्य के भुगतान के रूप में 6 लाख रुपए से अधिक का भुगतान हो चुका था। शेष 3 लाख रुपए का भुगतान बाकी है। इस संबंध में 19 अगस्त 2016 को दोपहर करीब 1.30 बजे नप भीकनगांव में बृजेश कुमार गुप्ता से निर्माण कार्यों का कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र व शेष बिलों के भुगतान के संबंध में मिला। उन्होंने प्राप्त भुगतान राशि 5 लाख रु. के 3% के हिसाब से 15 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। गुरूवार को फैसला सुनाये जाने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया|