Nomination-withdraw-by-leader-Sukhlal-Parmar-khargone-mp

खरगोन।

खंडवा के बाद अब कांग्रेस को खरगोन में बड़ी राहत मिली है। यहां से बागी हुए पूर्व जिलाध्यक्ष सुखलाल परमार ने मुख्यमंत्री कमलनाथ की समझाइश के बाद गुरुवार को नामांकन वापस ले लिया है। साथ ही पार्टी को एक लाख वोट की लीड दिलवाने का भी दावा किया है। वैसे कांग्रेस ने यहां से  डॉ. गोविंद मुजाल्दा को टिकट दिया है। वहीं बीजेपी की तरफ से गजेंद्र पटेल मैदान में है।अब इस सीट पर कुल सात प्रत्याशी मैदान में हैं। परमार के नामांकन वापस लेने से कांग्रेस ने बड़ी राहत की सांस ली है।

दरअसल, परमार ने जिला पंचायत और विधानसभा चुनाव में टिकट मांगा था, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने लोकसभा में भी टिकट के लिए जोर लगाया था लेकिन पार्टी ने सबको दरकिनार कर डॉ. गोविंद मुजाल्दा को टिकट दे दिया है। इससे परमार नाराज हो गए। उन्होंने  डॉ. मुजाल्दा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और उन्हें पैराशूट उम्मीदवार करार दे दिया। साथ ही उन्होंने टिकट वापस लेने की मांग की लेकिन पार्टी ने ऐसा नही किया, जिसके चलते वे बागी हो गए और उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया।

इसके बाद उन्होंने नामांकन भर सभी को चौंका दिया। जैसे ही यह खबर पार्टी को लगी हड़कंप सा मच गया। नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश की और उनके घर तक पहुंचे लेकिन वे नही माने और अपनी जिद पर अड़े रहे। इसी बीच उन्होंने  मुजाल्दा का विरोध करते हुए जयस से संपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया। जैसे ही इस बात की खबर मुख्यमंत्री कमलनाथ को लगी उन्होंने परमार से संपर्क किया और समझाइश दी और वे मान गए और गुरुवार को नामांकन वापस ले लिया। साथ ही दावा किया है कि वे पार्टी को एक लाख वोट की लीड दिलवाएंगे।

अब मुजाल्दा और पटेल की बीच मुकाबला

खरगोन संसदीय सीट पर भाजपा के गजेंद्र पटेल और कांग्रेस के डॉ. गोविंद मुजाल्दा के बीच सीधा मुकाबला है। इस सीट पर 10 साल से भाजपा का कब्जा है, जिसे वह हैट्रिक में बदलना चाहती है। भाजपा प्रत्याशी  पटेल को जहां राजनीति अपने पिता और प्रदेश के पूर्व मंत्री उमराव सिंह पटेल से विरासत में मिली है। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी राजनीति में एकदम नए हैं, पर वे बतौर डॉक्टर इलाके में चर्चित रहे हैं। विधानसभा चुनाव में इलाके में ऐतिहासिक जीत से कांग्रेस भी उत्साहित है। हाल ही में यहां कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने सभा कर शक्ति दर्शन भी किया था। ऐसे में यहां मुकाबला रोचक हो गया है।