जिला जेल में कैदी से मारपीट का मामला, मुरैना जांच करने पहुंचे केंद्रीय सुप्रिडेंट

केंद्रीय सुप्रिडेंट मनोज कुमार साहू ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि जांच में पता चला है कि बृज बिहारी की मारपीट में जेलर का कोई हाथ नहीं है।

मुरैना, संजय दीक्षित। मुरैना जिला जेल (Jila Jail Morena) में वसूली व कैदी से मारपीट के मामले में शिकायत के बाद जेल डीजी ने मामले की जांच के लिए मंगलवार को ग्वालियर केंद्रीय जेल के सुप्रीडेंट मनोज कुमार साहू जांच करने के लिए भेजा। सुप्रिडेंट साहू ने करीब 3 घंटे से ज्यादा समय तक जेल में अंदर जाकर जांच पड़ताल की और कैदियों से पूछताछ की।

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जानकारी के अनुसार बृजमोहन शर्मा निवासी शंकरपुरा पोरसा जिला जेल में गांजे की तस्करी के मामले में करीब 38 दिन से बंद है। जिला जेल में बंद कैदी बृजमोहन के साथ मारपीट की गई थी। जिसमें उसके गले की हड्डी टूट गई थी। जिसकी शिकायत परिजनों ने डीजी से लेकर मुख्यमंत्री व मानव अधिकार आयोग से शिकायत की थी। इस शिकायत में बृजमोहन के परिजनों ने कहा था कि मुरैना जेल में 20 जून को जेलर हरिओम शर्मा ने चार खतरनाक कैदियों से मिलकर बृज बिहारी को बुरी तरह पिटवाया था । जिससे उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई थी। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया। बृज बिहारी का इलाज कराने के नाम पर जेल प्रहरी ने परिजन से 15 हजार सुविधा शुल्क भी ले लिया था और 10 हजार डॉक्टर ने उपचार के नाम पर ले लिए थे। लेकिन उसका उपचार नहीं कराया गया।

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केंद्रीय सुप्रिडेंट मनोज कुमार साहू ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि जांच में पता चला है कि बृज बिहारी की मारपीट में जेलर का कोई हाथ नहीं है। बिहारी का जेल में बंद हत्या के आरोपी कैदी बलवीर पुत्र मुनेश गुर्जर, नरेंद्र पुत्र पहलवान सिंह गुर्जर, रामब्रज सिंह पुत्र अख्तयार सिंह गुर्जर और अर्जुन पुत्र बदन सिंह गुर्जर ने मारपीट की थी। जिसके बाद चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। साहू ने कहा कि कैदियों से पूछताछ की गई है लेकिन जेल प्रहरी का मारपीट में कोई हाथ नहीं है। जेल में वसूली और पैसे के लेनदेन की शिकायत नहीं आयी है, अगर प्रमाण मिलते है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।