मुरैना : जिला अस्पताल में कंधे पर ऑक्सीजन सिलेंडर उठाकर ले जाने को मजबूर मरीज के परिजन

मुरैना जिला अस्पताल में वार्ड बॉय के अवकाश पर चले जाने से मरीज के परिजनों को कंधे पर ऑक्सीजन सिलेंडर उठाकर ले जाना पड़ रहा है।

मुरैना, संजय दीक्षित। जिला अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों के परिजन दिनभर दवाई के लिए दर-दर भटक रहे हैं। इतना ही नहीं परिजन ऑक्सीजन सिलेंडर (Oxygen Cylinder) को कंधे पर उठाकर मरीज के पास ले जा रहे हैं। जिसमें जिला अस्पताल प्रशासन की बहुत बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट (Oxygen Plant) लगने के बाद भी ऑक्सीजन की किल्लत बनी हुई है।

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ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे मरीज विनोद निवासी अम्बाह के परिजनों को डॉक्टर ने रात में सिलेंडर की व्यवस्था के लिए बोल दिया था। लेकिन वार्ड बॉय न होने के कारण परिजन सुबह तक सिलेंडर की व्यवस्था के लिए भटकते रहे। उसके बाद नर्स दिव्या तिवारी ने बड़ी मशक्कत के बाद परिजनों को ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करा कर मरीज को लगवाया गया। वहीं दूसरी तरफ अव्यवस्थायों ने मरीजों के परिजनों को मुसीबत में डाल दिया है। जहां मेडिकल वार्ड में वार्ड बॉय को कोई भी व्यवस्था नहीं है। जिसकी वजह से परिजन ऑक्सीजन के सिलेंडर कंधे पर लादकर प्लांट में ले जाकर भरवाने को मजबूर हो रहे हैं। मेडिकल इंचार्ज सविता का कहना है कि वार्ड बॉय तो छुट्टी पर चले गए हैं, कोई नही हैं। जबकि प्रशासन के द्वारा किसी को भी छुट्टी देने की परमिशन नहीं है। उसके बाद भी बिना सूचना के वार्ड बॉय छुट्टी पर चले गए है। अस्पताल प्रशासन को सख्त एक्शन लेना चाहिए लेकिन इस बात को लेकर अस्पताल प्रशासन मौन बना हुआ है।

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वहीं प्लांट में बड़े सिलेंडर से रिफिलिंग कर छोटे सिलेंडर में ऑक्सिजन भरने वालों के पास ना तो मीटर है, जिससे वह नाप कर सके कि सिलेंडर के अंदर कितनी गैस भरी हुई है, और कितनी खाली है। ये लोग अंदाजे से रिफलिंग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ लोग परिजनों से पैसे लेकर अवैध रूप से सिलेंडर में ऑक्सीजन भरने के बाद मरीजों को देने का काम कर रहे हैं। जल्दबाजी में यदि गलती से किसी सिलेंडर में अधिक ऑक्सीजन भर जाती है या सिलेंडर फट गया तो आसपास के पूरे जिला अस्पताल की इमारत को गिरा देगा। लेकिन इस बात का अंदाजा शायद रिफलिंग करने वाले कर्मचारियों को नहीं है। कलेक्टर बक्की कार्तिकेयन का कहना है कि हमारे प्लांट में मौजूद ऑक्सीजन प्लांट पर रिफलिंग की पात्रता नहीं है, यदि ऐसा किया जा रहा है तो मामले की जांच की जाएगी। जहां तक वार्ड बॉय के अवकाश के जाने का सवाल है तो इस मामले की भी जांच कराई जाएगी।