मुरैना कलेक्टर की चेतावनी-किसी को वेतन नहीं दूंगा, 4 BMO समेत 5 की सैलरी काटी

इतना ही नहीं समीक्षा बैठक में टी.बी. ऑफीसर डॉ. बीएल मौर्य बैठक से सूचना होने के बावजूद भी उपस्थित नहीं हुये। इस पर कलेक्टर ने एक दिन का वेतन काटने, कारण बताओ नोटिस तथा बगैर कलेक्टर की अनुमति के मार्च माह का वेतन जारी नहीं करने के निर्देश दिये।

मुरैना कलेक्टर

मुरैना, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में लगातार बढ़ते कोरोना के बाद मुरैना कलेक्टर (Morena Collector) ने सख्त रवैया अपना है और अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वैक्सीन (Vaccine) वाले दिन कोविड का लक्ष्य पूर्ण नहीं हुआ तो वेतन नहीं दूंगा।वही उन्होंने 4 BMO सहित TB ऑफीसर का वेतन काटने के निर्देश दिए है। मुरैना कलेक्टर के इस एक्शन के बाद अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।

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दरअसल, मुरैना जिले (Morena Collector) का वैक्सीनेशन के दिन वाला लक्ष्य पूर्ण नहीं हो पा रहा था। इस पर मुरैना कलेक्टर  बी. कार्तिकेयन ने नाराजगी व्यक्त करते हुए 20 मार्च शनिवार को 29 सेंटरों पर 8 हजार का लक्ष्य प्रदान किया और सोमवार के दिन 10 हजार का लक्ष्य सौंपा है। कलेक्टर ने टीकाकरण लक्ष्य के अनुसार न होने पर उन्होंने बीएमओ पहाडगढ़ क्लेन्द्र यादव का 15 दिवस का वेतन काटने तथा कारण बताओ नोटिस (Notice) जारी करने के निर्देश दिये है।

मुरैना कलेक्टर बी. कार्तिकेयन ने कहा कि मप्र सरकार की मंशा है कि लोगों को समय पर शत-प्रतिशत कोविड वैक्सीन लगे, इसके लिये प्रत्येक सप्ताह में 4 दिन चिन्हित किये गये है। जिसमें सोमवार, बुधवार, गुरूवार और शनिवार निर्धारित किये है। इन दिनों में जिले से प्रत्येक CSP, PSC के लिये लक्ष्य निर्धारित किया जायेगा, उस लक्ष्य के अनुसार टीकाकरण उन व्यक्तियों के किया जाये, जो चिन्हित किये जा चुके है। जिस दिन लक्ष्य पूर्ण नहीं होगा, उस दिन का वेतन उस BMO,CDPO, ANM, आशा कार्यकर्ता, सुपरवाइजर, ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक को नहीं दिया जायेगा।

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मुरैना कलेक्टर ने कहा कि फ्रंट लाइन वाले कर्मचारी जो कोविड-19(COVID-19 में टीकाकरण (Vaccination) का कार्य कर रहे है, वे अपने स्वास्थ्य कर्मी है, उन्हीं का दूसरा डोज नहीं लगवा पा रहे है। यह मात्र 55 प्रतिशत तक पहुंचा है। यह स्थिति मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा। कलेक्टर ने बीएमओ कैलारस की समीक्षा की, जिसमें दूसरा डोज 92 प्रतिशत होना पाया। इस पर कलेक्टर ने कैलारस बीएमओ  मिश्रा की एक वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिये।

इसके बाद मुरैना कलेक्टर ने बीएमओ जौरा की समीक्षा की जिसमें दूसरा डोज मात्र 67 प्रतिशत होना पाया। इस पर कलेक्टर ने जौरा बीएमओ मनोज त्यागी को कारण बताओ नोटिस तथा बीएमओ खड़ियाहार द्वारा दूसरे डोज पर 97 लोंगो को वैक्सीन 28 दिन बाद नहीं लगाई गई। इस पर खड़ियाहार बीएमओ जेसी कारखर का एक दिन का वेतन काटने तथा कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये।

बीएमओ गलत आंकड़े बता

सीडीपीओ और बीएमओ की जिम्मेदारी यह होगी कि जो व्यक्ति केन्द्र पर पहुंच रहे है, उन्हें वैक्सीन लग जायें। ऐसा न हो कि वैक्सीन नहीं है या अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं है। इस प्रकार की गलती पाई गई तो उसकी खैर नहीं होगी।
कलेक्टर ने सबलगढ़ विकासखण्ड की समीक्षा की। जिसमें बीएमओ ने 110 लोंगो को दूसरा डोज नहीं लगाने के बात कही। इस पर सीडीपीओ ने बताया कि मात्र 40 लोग शेष है। यह आंकड़ा बीएमओ गलत बता रहे है।

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इतना ही नहीं समीक्षा बैठक में टी.बी. ऑफीसर डॉ. बीएल मौर्य बैठक से सूचना होने के बावजूद भी उपस्थित नहीं हुये। इस पर कलेक्टर ने एक दिन का वेतन काटने, कारण बताओ नोटिस तथा बगैर कलेक्टर की अनुमति के मार्च माह का वेतन जारी नहीं करने के निर्देश दिये।

लापरवाही मिली तो खैर नहीं

इस पर मुरैना कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुये संबंधित SDM को वस्तुस्थिति से अवगत कराने और DEO इसकी रिपोर्ट निकालकर प्रस्तुत करेंगे। गलती पाये जाने पर संबंधित बीएमओ या सीडीपीओ के खिलाफ सख्त कार्रवाही की जायेगी।उन्होंने कहा कि अगली बैठक में मुझे यह सुनने को न मिले कि डाटा एन्टरी ऑपरेटर नहीं आया या अधीनस्थ कर्मचारी मेरी सुन ही नहीं रहे है। इस प्रकार के शब्द मिले तो संबंधित की खैर नहीं होगी।

कलेक्टर ने प्रत्येक बीएमओ सीडीपीओ को रजिस्टर संधारित करने के निर्देश दिये। जिसमें ऑफलाइन और ऑनलाइन (Offline-Online) भी जानकारी अपडेट रखने तथा 28 दिन बाद कितने व्यक्ति दूसरा डोज लेने के लिये आ रहे है, उनके लिये क्या प्लानिंग रहेगी। इस पर भी विस्तार से निर्देश दिये। कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card) बनाने में तेजी लाने के निर्देश दिये।