मुरैना : हद है, हावी रेत माफिया, पुलिस कस्टडी से रेत चोरी !

मुरैना, संजय दीक्षित। मुरैना (Morena) में वन विभाग की एसडीओ श्रद्धा पांढ़रे ने दो दिन पहले महिला थाने में चल रहा निर्माणधिन चंबल का अवैध रेत पकड़ा था। उसके बाद बीती रात चंबल (Chambal) का रेत चोरी हो गया है। जिसका वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस के सामने वीडियो ग्राफ़ी भी करायी गयी थी। जिस समय रेत पकड़ा था, उस समय रेत की मात्रा 30 घन मीटर के करीब बतायी गयी थी। इतनी अधिक मात्रा में जब्त रेत को ले जाना संभव नहीं था। लिहाजा उन्होंने उस रेत को वहां मौजूद लेबर ठेकेदार बलवीर सिंह कुशवाह के सुपुर्द कर दिया था। उसके बाद कार्रवाई करने के बाद एसडीओ श्रद्धा पांढ़रे वापस चली गयी थी। लेकिन दरम्यानी रात करीब 28 घनमीटर रेत चोरी हो गया। और दो घनमीटर चंबल का रेत ही पड़ा हुआ था।

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इधर, जब इस बात की खबर जब एसडीओ श्रध्दा पांढरे को लगी तो उन्होंने टीम के साथ मौके पर पहुंच कर जांच की। जिसमे पाया गया कि चंबल रेत की जगह सिंध का रेत डाला जा रहा था। चंबल के रेत को जेसीबी की मदद से ट्रैक्टर ट्रॉली में भरवाकर जब्त कर वन डिपो में सुपुर्द कर दिया। इसके बाद उन्होंने कोतवाली में रेत चोरी होने की घटना की रिपोर्ट का आवेदन दिया है। जिसके बाद संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सके। वहीं दूसरी तरफ महिला थाना बनाने वाले ठेकेदार मनीष कौषिक ने कोतवाली थाना पुलिस में एसडीओ श्रद्धा पांढ़रे के खिलाफ आवेदन दिया है कि उनके द्वारा रेत सेम्पलिंग की कार्रवाई दुर्भावना पूर्ण की गई है। इसके साथ ही उन्होंने एसडीओ पांढ़रे पर पैसे मांगने का भी आरोप लगाया है। इस आवेदन पर पुलिस हाउसिंग के सब इंजीनियर निर्भय पाल व एसडीओ ब्रजेश जाटव के भी हस्ताक्षर है। यहां बता दें कि ये सब वही लोग हैं जिनके खिलाफ एसडी श्रद्धा पांढ़रे ने कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया था। इन चारों पर आरोप है कि इनकी मिलीभगत से महिला पुलिस थाने में चंबल के अवैध रेत का उपयोग किया जा रहा था।

वन विभाग और पुलिस आमने- सामने

गौरतलब है कि मुरैना में अवैध रेत को लेकर वन विभाग व माफियाओं में ठनी रहती थी। लेकिन जब से महिला पुलिस थाने में अवैध रेत का उपयोग होते एसडीओ श्रद्धा पांढ़रे ने पकड़ा है। तब से पुलिस विभाग की निगाहें टेढ़ी हो गई हैं। इस घटना के बाद जिले के पुलिस महकमे की काफी किरकिरी होती हुई नजर आ रही है। महिला थाने में अवैध चंबल के रेत के उपयोग के बाद एसडीओ ने पुलिस विभाग के सब इंजीनियर, एसडीओ, काम करने वाले ठेकेदार व लेबर ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर करने का आवेदन कोतवाली थाना पुलिस में दिया था। कोतवाली थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इंकार कर दिया और कहा कि जाँच के बाद एफआईआर की जाएगी।

इस पूरे मामले में प्रश्न यह उठ रहा है कि अगर एसडीओ श्रद्धा पांढ़रे ने महिला थाना बनाने वाले ठेकेदार मनीष कौशिक से पैसे मांगे थे तो उसने पहले शिकायत क्यों नही की? दूसरा सवाल यह है कि उसे जब पता था कि शासकीय कार्य हो रहा है तो अवैध चंबल के रेत का उपयोग क्यों किया गया ? दूसरी बात यह कि अगर एसडीओ ने ठेकेदार से पैैसे मांगे थे, तो उसके द्वारा दिए गए आवेदन पर सब इंजीनियर निर्भय पाल व एसडीओ बृजेश जाटव के हस्ताक्षर किस बात के हैं।

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वहीं इस पूरे मामले में सबसे बड़ी गौर करने वाली बात ये हैै कि, पुलिस हाउसिंग की जमीन पर जिस जगह महिला थाना बनाया जा रहा है उसी जगह पर चंबल का रेत पड़ा हुआ था। इस रेत की सेम्पलिंग शुक्रवार को एसडीओ पांढ़रे ने की थी। उसके बाद रेत रात में अचानक चोरी हो गया। थाना व पुलिस लाइन होने के कारण इस जगह पर हमेशा पुलिस रहती है। पुलिस वालों के क्वार्टर बने हुए हैं। दिन-रात पुलिस अफसरों व कर्मियों का आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में मौजूद रेत चोरी हो गया और कोतवाली थाना पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।

इस पूरे मामले में एसडीओ श्रद्धा पांढ़रे ने बताया कि 9 जुलाई को हमने चंबल का अवैध रेत पकड़ा था। इससे महिला थाना बनाया जा रहा था। रेत की मात्रा 30 घनमीटर थी। इतनी अधिक मात्रा में रेत को ले जाना संभव नहीं था। इसलिए हमने सेंपल लेकर रेत को वहां मौजूद लेबर कान्ट्रेक्टर की सुपुर्दगी में छोड़ दिया था। आज, पता लगा कि रेत चोरी हो गया है। मैं वहां पहुंची तो केवल 2 घनमीटर रेत बचा था। वह भरकर ले आई हूं। इसके साथ ही कोतवाली थाना में लेबर कान्ट्रेक्टर बलवीर सिंह कुशवाह के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला दर्ज करने का आवेदन दिया है। जहां तक मेरे ऊपर पैसे मांगने का आरोप है, उसके वे लोग सबूत दें। अगर नहीं दे सके तो मैं उनके खिलाफ न्यायालय में मानहानि का केस दर्ज करूंगी।