MP: सुप्रीम कोर्ट ने बदली दुष्कर्मी की सजा, उम्र कैद की जगह अब काटनी होगी 20 साल की जेल

मध्य प्रदेश में एक दुष्कर्म के आरोपी की सजा को सुप्रीम कोर्ट ने कम कर दिया।

इंदौर, डेस्क रिपोर्ट। देश का न्यायालय इन दिनों अलग-अलग निर्णय लेता हुआ दिखाई दे रहा है। पंजाब न्यायालय ने जहां कैदियों के लिए अपने जीवन साथी के साथ रहने के लिए अलग कमरा बनाया है। तो राजस्थान की एक कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी को 15 दिन की पैरोल पर इसीलिए रिहा किया है ताकि वह अपने वंश को आगे बढ़ा सके। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश (MP) सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भी एक बड़ा फैसला सुनाया है। यहां पर 4 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले एक आरोपी की उम्र कैद की सजा को कोर्ट ने 20 साल के कारावास में बदल दिया है।

कोर्ट में आरोपी ने सजा कम करने के लिए याचिका लगाई थी। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने यह फैसला सुनाया है कि 20 साल की सजा पूरी कर लेने के बाद आरोपी को रिहा कर दिया जाएगा। यह फैसला साल 2013 में एक 4 साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में सुनाया गया है।

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साल 2013 में पीड़ित परिवार की बच्ची की ओर से मोहम्मद फिरोज और राकेश चौधरी नाम के दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया था। निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक इस मामले की सुनवाई हुई थी। हाईकोर्ट ने घटना के मुख्य आरोपी मोहम्मद फिरोज को मौत की सजा देने का फैसला सुनाया था। इस फैसले के खिलाफ फिरोज ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए फिरोज की सजा को उम्र कैद में बदल दिया गया था।

अब दोषी ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जजों की खंडपीठ ने अपने पहले के फैसले में संशोधन करते हुए आरोपी द्वारा किए गए सभी कृत्यों के लिए उसे 20 साल की सजा देना तय किया है। मामले में दूसरे आरोपी राकेश चौधरी को 7 साल की सजा सुनाई गई है हालांकि उसे बरी कर दिया गया है।