MP Tourism: 500 सालों तक कुएं में रखकर की गई थी इस ज्योतिर्लिंग की सुरक्षा, रोचक है इतिहास

Diksha Bhanupriy
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MP Tourism: उज्जैन (Ujjain) में स्थित बाबा महाकालेश्वर का मंदिर (Mahakaleshwar Mandir) पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। 12 ज्योतिर्लिंगों में यह एकमात्र ऐसा शिवलिंग है जो दक्षिण मुखी है। यहां भगवान भोलेनाथ कालों के काल महाकाल के रूप में अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। इस मंदिर से कई प्राचीन परंपराएं और रहस्य जुड़े हुए हैं। जिनके बारे में हम आपको आज जानकारी देते हैं। अवंतिका नगरी के राजा विक्रमादित्य बाबा महाकाल के अनन्य भक्त थे और भोलेनाथ के आशीर्वाद से ही उन्होंने 132 साल तक यहां पर शासन किया। इस मंदिर की सटीक जानकारी मिलना मुश्किल है लेकिन यह करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है।

MP Tourism में करें महाकाल का दीदार

महाकालेश्वर मंदिर का इतिहास बहुत ही पुराना और रोचक है। मुगलों और ब्रिटिश हुकूमत का राज रहने के बावजूद भी इस मंदिर में कभी भी अपनी परंपरा को नहीं खोया। सनातन धर्म को हमेशा ऊंचा बनाए रखने के लिए लोगों ने तरह-तरह की कोशिश कर इस ज्योतिर्लिंग की सुरक्षा के प्रयास किए। दशकों के बाद आज मंदिर एक अलग ही स्वरूप में यहां आने वाले भक्तों को दिखाई देता है। अब तो महाकाल लोक के लोकार्पण से यहां का वैभव और भी बढ़ गया है। इस मंदिर के इतिहास की जानकारी आपको हैरान कर देगी।

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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है।