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अपहरण से आक्रोशित परिजनों ने ग्रामीणों के साथ किया चक्काजाम, पुलिस आई हरकत में

Written by:Atul Saxena
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घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। लोगों का आरोप है कि पुलिस समय रहते यदि कार्रवाई करती तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
अपहरण से आक्रोशित परिजनों ने ग्रामीणों के साथ किया चक्काजाम, पुलिस आई हरकत में

नीमच  जिले के सिंगोली थाना क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब एक व्यक्ति के अपहरण की शिकायत के बाद परिजनों व समाजजनों ने पुलिस थाने के बाहर चक्काजाम कर दिया। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि उसके पति कचरूलाल गुर्जर का अपहरण मोहनलाल गुर्जर व दो अन्य व्यक्तियों ने सिंगोली-कंवरजीखाड़ा मार्ग पर रोजड़ी नदी के पास से कर लिया।

बताया जा रहा है कि यह मामला शिकायतकर्ता की बेटी कालीबाई और मोहनलाल के बेटे मुकेश के बीच पूर्व में हुई शादी और उसके बाद हुए पुनर्विवाह से जुड़े विवाद का परिणाम है। इस पारिवारिक विवाद को सुलझाने के लिए 13 जुलाई 2025 को परलाई में एक सामुदायिक पंचायत भी आयोजित की गई थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।

अपहरण का चश्मदीद और पुलिस से कार्रवाई की मांग

घटना का प्रत्यक्षदर्शी देवाजी गुर्जर का पुत्र हेमराज बताया गया है, जिसने अपहरण को अपनी आँखों से देखा। इसी जानकारी के आधार पर परिजनों ने सिंगोली थाने में रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

सुबह से थाने पर डटे रहे परिजन, पुलिस पर आरोप

शिकायत दर्ज कराने के बावजूद जब पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। सुबह 9 बजे से थाने पर बैठे परिजनों को जब कोई जवाब नहीं मिला तो समाजजनों ने एकत्र होकर थाने के बाहर सड़क पर चक्का जाम कर दिया।

पुलिस हरकत में आई

स्थिति बिगड़ते देख पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। चक्काजाम के बाद पुलिस ने तत्काल हरकत में आते हुए अपहृत कचरूलाल की तलाश शुरू कर दी है।

नीमच से कमलेश सारडा की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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