दिग्विजय सिंह का कश्मीर को लेकर बड़ा बयान, विपक्ष को लेकर कही यह बात

निवाड़ी, मयंक दुबे। कांग्रेस (Congress) के दिवंगत नेता पूर्व मंत्री स्वर्गीय बृजेन्द्र सिंह राठौर को श्रद्धांजलि देने पृथ्वीपुर पहुंचे मप्र (MP) के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने कश्मीर को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। दिग्विजय ने कहा कि जम्हूरियत, इंसानियत और कश्मीरियत को लेकर जो निर्णय मोदी जी ने कश्मीर के मामले में लिया है। उसमें उन्होंने किसी से नहीं पूछा और जो उन्होंने कल बैठक बुलाई थी, यही बैठक अगर कश्मीर में निर्णय लेने के पहले बुला लिये होते तो ये समस्या पैदा नहीं होती।

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दिग्विजय ने आगे की मोदी जी ने कहा था कि यह निर्णय लेने के बाद आतंकवाद समाप्त हो जायेगा। लेकिन आतंकवाद समाप्त नहीं हुआ। कश्मीर में लोगों का बहुत इन्वेस्टमेंट आ जायेगा,लेकिन कोई इन्वेस्टमेंट नहीं आया। कश्मीरी पंडितों की घर वापसी हो जायेगी, वो नहीं हुआ, तो आखिर ये निर्णय क्या सोच समझ के लिया गया है। मैं हमेशा इस बात को कहता रहा हूं कि मोदी जी निर्णय पहले लेते है और सोचते बाद में है। यही उन्होंने नोटबंदी में किया, जीएसटी में किया और यही उन्होंने कोरोना की तैयारी में किया।

वहीं उन्होंने महबूबा मुफ्ती के पाकिस्तान से बातचीत के सवाल के जवाब में कहा कि तालिबान के साथ गुप्त चर्चा हुई है ये प्रमाणित है। लेकिन अब केन्द्र सरकार की मोदी सरकार की तरफ से आज तक नहीं बताया कि तालिबान लोगों से दोहा में चर्चाएं हुई कि नहीं हुई। जबकि कतार के जो एम्बेसडर है उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि हां तालिबान से भारत के अधिकारियों की चर्चा हुई है। इसकी जानकारी मिलना चाहिए। शिवराज सिंह चौहान मुझे कहते है कि मै तालिबानी मानसिकता का व्यक्ति हूँ। अब बताइये कि दिग्विजय सिंह की मानसिकता तालिबान है या मोदी जी की मानसिकता तालिबान है। दिग्विजय ने कहा कि मुंबई हमले के आतंकवादियों को जब तक भारत को नहीं सौंपा जाए तब तक पाकिस्तान से कोई बातचीत नहीं करना चाहिये। वही बुंदेलखंड की गरीबी और बेरोजगारी पर बात करते हुए दिग्विजय ने कहा कि सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।