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पन्ना। देश का भविष्य तय करने वाले शिक्षक ही जब भ्रष्टाचार में लिप्त हो जाये तो भला इस देश का भविष्य क्या होगा। यह बहुत गंभीर समस्या है और इस देश के सिस्टम को सोचने पर मजबूर कर देने वाली बात है। एसा ही मामला पन्ना जिले से 2जनवरी 2015 को सामने आया था जब एक शिक्षक से पदस्थापना के एवज में जिला शिक्षाअधिकारी और बाबु रिश्वत लेते रगे हाथ पकड़ा गये थे। जिसे जिला अपर नयायाधीश ने 4-4 सज की सजा के साथ 10-10 के जुर्माने से दण्डित किया है देखिये इस रिपोर्ट में। 

भ्रष्टाचार के खिलाफ जिला अपर न्यायाधीश अनुराग मिश्रा की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए रिश्वतखोर डीईओ (Jजिलाशिक्षाधिकारी ) और क्लर्क को 4-4 साल की सजा सुनाई है। दस्थापना के एवज में अपने ही विभाग के शिक्षक से मांगी थी 10 हजार की रिश्वत। 

आपको बता दे कि  तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र दुवेदी , कार्यालय के स्थापना लिपिक खुमान प्रजापति ने शिक्षक रविशंकर डनायक से स्कूल में पदस्थापना के लिए 10 हजार रुपए बतौर रिश्वत की मांग की थी। कहा गया था कि जिला शिक्षा अधिकारी को देने पडेंगे, तभी आपकी पदस्थापना होगी। जिसकी शिकायत शिक्षक के सागर लोकायुक्त में की थी। जिसके बाद 2 जनवरी 2015 को सागर लोकायुक्त  ट्रैपिंग की कार्रवाई कर दोनों को रगे हाथ गिरफ्तार किया था। ट्रिपिंग की कार्यवाही के बाद पन्ना विशेष न्यायालय में केस चल रहा था । जिसमे आज विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट अनुराग द्विवेदी ने रिश्वतखोर डीईओ और क्लर्क को 4-4 साल की कैद के साथ 10-10 हजार रुपए के अर्थदंड से दण्डित किया गया ।