सतना कलेक्टर की काॅलोनाइजर्स की मनमानी पर कार्यवाही, कानूनी प्रावधानों के तहत प्रबंधन प्रशासन के नाम

सतना में काॅलोनाइजर (colonizers) की मनमानी का पता चलते ही सतना कलेक्टर (satna collector) एवं जिला मजिस्ट्रेट ने प्रदेश में अपने तरह का अलग आदेश जारी किया है। जिसमे कॉलोनाइजर की 32 एकड़ जमीन के खसरे पर सतना कलेक्टर का अधिकार दर्ज कर दिया गया है।

सतना काॅलोनाइजर्स

सतना, पुष्पराज सिंह बघेल। सतना में काॅलोनाइजर (colonizers) की मनमानी का पता चलते ही सतना कलेक्टर (satna collector) एवं जिला मजिस्ट्रेट ने प्रदेश में अपने तरह का अलग आदेश जारी किया है। जिसमे कॉलोनाइजर की 32 एकड़ जमीन के खसरे पर सतना कलेक्टर का अधिकार दर्ज कर दिया गया है।अब प्लाॅट (plot) क्रय-विक्रय का अभ्यावेदन सतना कलेक्टर के सामने देना होगा। दरअसल ये पूरा मामला कॉलोनाइजर की मनमानी से परेशान एक प्लाॅट विक्रेता की शिकायत पर सतना कलेक्टर के संज्ञान में आया था जिसके बाद सतना कलेक्टर ने ये अनोखे किस्म का फैसला सुनाया है।

यह भी पढ़ें… गलती महिला पुलिस अधिकारी की, खामियाजा 450 पुलिस वाले भुगत रहे

वैसे तो प्रदेश भर में जमीन पर कॉलोनाइजर और भूमाफियाओं का जाल बिछा है और मनमाने तौर पर जमीन के भाव (plot rates) आसमान की बुलंदियों में है। लेकिन सतना कलेक्टर अजय कटेसरिया के एक आदेश के बाद न सिर्फ कॉलोनाइजर दीपक चंदानी को बड़ा झटका लगा है।बल्कि प्रदेश भर के कालोनाइजरों के कान खड़े हो गए है। सतना कलेक्टर के आदेश के बाद कॉलोनाइजर दीपक चंदानी की 32 एकड़ जमीन पर अब सतना कलेक्टर प्रबंधक है। जमीन का क्रय-विक्रय कलेक्टर की अनुमति के बगैर नही हो सकेगा।

यह भी पढ़ें… जीवित रहते तो नंदकुमार चौहान कैसे मनाते अपना जन्मदिन, वीडियो में सुनिये अंतिम उद्बोधन

काॅलोनी की भूमि का प्रबंधन अपने अधिकार में लेने के साथ ही कलेक्टर ने इस काॅलोनी में प्लाट बुक कराने वालों के हित को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था भी दी है। अपने आदेश में कलेक्टर ने कहा है कि काॅलोनी में जिन व्यक्तियों द्वारा प्लाट क्रय किए गए हैं, अथवा क्रय करने के लिए किस्तों में राशि जमा की गई है वे 8 मार्च को दोपहर 3 बजे तक कलेक्टर न्यायालय में अपने अभ्यावेदन तथा आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रावधान अनुसार बंधक बनाई गईं भूमि के प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे ताकि भूमि का विक्रय कर प्राप्त रकम का उपयोग अपूर्ण कार्य पूर्ण कराने में किया जा सके।

गौरतलब है कि इस कालोनी में दीपक चंदानी एवं कपिल टेकवानी ने किस्तों में राशि लेकर प्लाट देने का वादा किया था। इसके लिए उसने लोगों से अनुबंध भी किए थे। नागौद की अमिता सिंह पति प्रशांत सिंह परिहार निवासी उदय चौक ने कलेक्टर के समक्ष शिकायत की थी कि उनसे रकम तो ली गई लेकिन प्लाट नहीं दिया गया। हालांकि बाद में चंदानी ने रकम वापसी की जानकारी सुनवाई के दौरान कलेक्टर कोर्ट में प्रस्तुत की थी।

बाइट:-अजय कटेसरिया (कलेक्टर सतना)