जीवन सिंह शेरपुर को प्रशासन ने थमाया जिला बदर का नोटिस, जावरा से निर्दलीय चुनाव लड़ने का कर चुके हैं एलान

Shashank Baranwal
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Ratlam News: मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरु हो गई है। प्रदेश में सभी राजनीतिक पार्टियां पूरे दम खम के साथ चुनावी मैदान में उतर चुकी हैं। इसी बीच बीजेपी और कांग्रेस के लिए मुश्किले खड़ी करने वाले करणी सेना परिवार के जीवन सिंह शेरपुर को जिला प्रशासन ने जिला बदर करने का नोटिस दे दिया है। जीवन सिंह शेरपुर मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में रतलाम के जावरा विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने के साथ करणी सेना परिवार के 80 उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारने का एलान किया है।

26 अक्टूबर को जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट में आने का नोटिस

बता दें करणी सेना परिवार के जीवन सिंह शेरपुर को जिला प्रशासन की तरफ से जिला बदर का नोटिस देने के बाद 26 अक्टूबर को जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट में मौजूद रहने का नोटिस भी दिया गया है। वहीं 26 अक्टूबर को ही जीवन सिंह शेरपुर ने जावरा विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन करने का भी फैसला कर चुके हैं।

जिला बदर की नोटिस जारी होने के बाद जीवन सिंह शेरपुर ने कहा कि राजनैतिक दलें और जिला प्रशासन चुनाव चुनाव लड़ने से रोक रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने जिन मुकदमों के तहत जिला बदर की नोटिस दिया है उसमें से 6 मामलों में न्यायालय ने उन्हें दोषमुक्त साबित किया हैं।

आपको बता दें करणी सेना परिवार के जीवन सिंह शेरपुर को कांग्रेस से टिकट मिलने की बात चल रही थी। लेकिन कांग्रेस ने जावरा विधानसभा सीट से हिम्मत सिंह पाल को चुनावी मैदान में उतारा है। इसके बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रुप में चुनावी मैदान में उतरने का एलान किया है। वहीं अब जिला प्रशासन की तरफ से जिला बदर की नोटिस जारी होने के बाद सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गई है।

 


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पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है– खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो मैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ।

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