रतलाम रेलवे स्टेशन पर सोने की ज्वैलरी के साथ पकड़ा गया शख्स, 85 लाख रुपये बताई जा रही कीमत

Shashank Baranwal
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Ratlam News: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में रेलवे पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। जीआरपी पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक शख्स को डेढ़ किलो से ज्यादा सोने की ज्वैलरी के साथ पकड़ा है। जिसकी कीमत 85 लाख रुपये बताई जा रही है। शख्स राजस्थान से ज्वैलरी लेकर रतलाम रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर मुंबई जाने वाला था।

मुखबिर से मिली थी सूचना

इस घटना के बारे में पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी। मुखबिर ने बताया था कि शख्स सोने की ज्वैलरी को लेकर रतलाम स्टेशन से ट्रेन पकड़कर मुंबई जाने वाला है। जिसके बाद पुलिस ने इस शख्स पर नजर बनाए रखी थी। वहीं जब रेलवे स्टेशन पर जीआरपी द्वारा उससे पूछताछ की गई तो उसके पास जरुरी दस्तावेज नहीं मिल सके। इस मामले की सूचना जीआरपी पुलिस द्वारा आयकर विभाग के साथ अन्य संबंधित विभाग को दे दी गई है।

राजस्थान का रहने वाला है शख्स

सोने की ज्वैलरी के साथ पकड़े गए शख्स का नाम कमलेश सिंह है जो कि राजस्थान का रहने वाला है। पुलिस की पूछताछ में शख्स ने बताया कि वह सोने की ज्वैलरी के सैंपल दिखाने के लिए पहले उदयपुर गया था। जिसके बाद रतलाम पहुंचा। जीआरपी पुलिस ने शख्स को रतलाम स्टेशन से हिरासत में लिया था। वहीं रेलवे पुलिस ने इस मामले की जानकारी आयकर विभाग और जीएसटी विभाग को दे दी है। जिसकी जांच पड़ताल जारी है।

आपको बता दें इससे पहले भी बीते महीने स्टेशन रोड पुलिस ने 5 करोड़ रुपए से अधिक की सोने की ज्वैलरी को पकड़ा था। जिसकी भी जांच पड़ताल जारी है। वहीं मध्य प्रदेश में आचार संहिता लागू होने के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गई है और लगातार कार्रवाई कर रही है।


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पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है– खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो मैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ।

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