Sehore News: 33 वर्षों से न्याय के लिए दर-दर भटक रहे 73 वर्षीय बुजुर्ग, जानें क्या है पूरा मामला

सीहोर (Sehore News) में न्याय पाने के लिए 73 वर्षीय बुजुर्ग दर-दर भटक रहा है लेकिन कोई उसकी बात सुनने को तैयार नहीं, जिससे परेशान होकर आज कलेक्टरेट कार्यालय के बाहर वो आमरण अनशन पर बैठ गए हैं।

Sehore News : मध्य प्रदेश के सीहोर में आष्टा निवासी 73 वर्षीय बुजुर्ग किशोर वर्मा पिछले 33 सालों से न्याय की उम्मीद में जिले के अधिकारियों सहित भोपाल स्थित कमिश्नर कार्यलय के चक्कर काट रहे है। किशोर वर्मा को जब 33 वर्ष शासकीय कार्यलयो के चक्कर काटने के बाद भी न्याय नही मिला। तब थक हार कर बुजुर्ग ने गांधीवादी तरीके से जिला कलेक्टर ऑफिस के बाहर आमरण अनशन पर बैठ गए।

कलेक्टर ने दिए आदेश

जिसके बाद मामले में कलेक्टर डी.पी. राव ने आदेश देते हुए कहा कि, आपकी जमीन आपको वापस कर दी जाएगी। एसडीएम के पास से आप कागज ले लेना। लेकिन बात दे अब उस जमीन पर आष्टा के एक दबंग ओर रसूखदार नेता ने कब्जा कर लिया है, जिससे कब्जा हटाने में शासन को पसीना आ रहा है। जिसके कारण किशोर वर्मा को न्याय नहीं मिल पा रहा है।

अतिक्रमण बताकर तोड़ा था मकान

दरअसल, किशोर वर्मा जब 35 वर्ष के थे तब किशोर वर्मा और उनके भाई का मकान प्रसाशन के अधिकारियों ने अतिक्रमण बताकर तोड़ दिया था और तब से किशोर वर्मा न्याय के लिए दर दर भटक रहे है। हर उस जगह जिसे न्याय का मंदिर कहा जाता है, हर उस चौखट पर जहां शासन के बडे अधिकारी बैठते है। ऐसा कहा जाता है कि हिंदुस्तान में न्याय सिर्फ पैसे वालों को ही नसीब होता है और आज किशोर वर्मा के मामले ने इस कहावत को सच साबित कर दिया है।

सीहोर से अनुराग शर्मा की रिपोर्ट