लोकार्पण से पहले बदले गए महाकाल लोक के इंग्लिश नाम, विजिटर फैसिलिटी सेंटर अब होगा मानसरोवर

महाकाल लोक के लोकार्पण से पहले मुख्यमंत्री ने यहां नामों में बदलाव किया है।

उज्जैन, डेस्क रिपोर्ट। 11अक्टूबर का दिन उज्जैन (Ujjain) के लिए बहुत ही ऐतिहासिक होने वाला है। इस दिन 850 करोड से ज्यादा की लागत से तैयार किए गए महाकाल लोक (Mahakal Lok) का लोकार्पण किया जाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद यह लोकार्पण करने के लिए पहुंचने वाले हैं। लोकार्पण से 2 दिन पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj) यहां पर पहुंचे और परिसर में बनाई गई जगहों के इंग्लिश नामों को हिंदी में परिवर्तित कर दिया।

लोकार्पण से पहले नामों को लेकर विचार विमर्श में उलझी सरकार ने नाम बदलने का फैसला कर लिया है। जनसंपर्क उज्जैन के माध्यम से एक पोस्टर जारी किया गया है जिसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन के गौरव की बात करते हुए महाकाल लोक में रखे गए इंग्लिश नामों को हिंदी में करने की बात कही है।

लोकार्पण से पहले बदले गए महाकाल लोक के इंग्लिश नाम, विजिटर फैसिलिटी सेंटर अब होगा मानसरोवर

इन जगहों के बदले गए नाम

मुख्यमंत्री ने इंग्लिश में रखे गए नामों को बदलते हुए विजिटर फैसिलिटी सेंटर का नाम मानसरोवर, मिडवे जोन का नाम मध्यांचल, कमर्शियल प्लाजा का त्रिवेणी मंडपम, लोटस पॉन्ड का कमल सरोवर, नाइट गार्डन का संध्या वाटिका, गजिबो प्लाजा का भैरव मंडपम और त्रिपथ, डेक 1 को अवंतिका और डेक 2 को कनक श्रृंगा का नाम दिया है।

मुख्यमंत्री ने कुल मिलाकर 8 जगहों के नाम बदले हैं। ये सभी महाकाल लोक का ही हिस्सा है। महाकाल मंदिर परिसर में स्थित किसी भी जगह के नाम से कोई भी छेड़छाड़ नहीं की गई। ये पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री ने इंग्लिश नामों पर चिंता जताते हुए उन्हें हिंदी में किया है। इससे पहले भी शिप्रा नदी के राम घाट पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहर की कई होटलों के नाम इंग्लिश में रखे जाने पर चिंता जताते हुए हिंदी में रखे जाने के आदेश दिए थे।