इसलिए इंदौर के रेलवे कर्मचारी ने फैलाई ट्रेन में बम की अफवाह, चढ़ा पुलिस के हत्थे

राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने शुक्रवार को उज्जैन रेलवे स्टेशन से एक 25 वर्षीय रेलवे ठेका कर्मचारी को ट्रेन में देरी के लिए ट्विटर पर कई बार कथित तौर पर बम की धमकी पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

उज्जैन, डेस्क रिपोर्ट। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने शुक्रवार को उज्जैन रेलवे स्टेशन से एक 25 वर्षीय रेलवे ठेका कर्मचारी को ट्रेन में देरी के लिए ट्विटर पर कई बार कथित तौर पर बम की धमकी पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह उसने इसलिए किया ताकि उसे अपनी पत्नी और नवजात से मिलने के लिए अधिक समय मिल सके। आरोपी मुंबई में रेलवे के ठेका कर्मचारी हैं और उनके ठेकेदार ने उन्हें अपने परिवार से मिलने की अनुमति नहीं दी थी, इसलिए आरोपियों ने ट्वीट भेजकर ट्रेनों को देरी से भेजा ताकि वे अपने परिवार के साथ समय बिता सकें।

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एसपी (रेलवे) निवेदिता गुप्ता के मुताबिक, उज्जैन में आरपीएफ पोस्ट ने 18 मई को जानकारी दी थी कि एक शख्स ने ट्वीट किया है कि किसी अज्ञात शख्स ने चेन खींचकर गोरखपुर-बांद्रा एक्सप्रेस में बम रखा है। इसकी सूचना के बाद जीआरपी, आरपीएफ व नगर पुलिस का डॉग स्क्वायड व बीडीडीएस की टीम उज्जैन के रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई। जीआरपी अधिकारियों ने ट्वीटर से ट्वीट की जानकारी भी ली।

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टीमों ने पूरी ट्रेन की जांच की लेकिन उन्हें ट्रेन में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 177, 66 (एफ) आईटी अधिनियम और रेलवे अधिनियम की संबंधित धारा के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान जीआरपी पुलिस ने ट्वीट करने वाले का मोबाइल नंबर और चेहरे का पता लगाने में कामयाबी हासिल की। पुलिस टीम को महाराष्ट्र में संदिग्ध की लोकेशन मिली।

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एसपी गुप्ता ने आगे कहा कि उन्हें यह दूसरा ट्वीट मिला था क्योंकि 11 मई को उसी व्यक्ति द्वारा रतलाम में ट्रेन के सम्बन्ध में ट्वीट किया गया था। अधिकारियों को उज्जैन में उसकी लोकेशन मिली और पुलिस ने आरोपी को उसकी फोटो के आधार पर उज्जैन रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल कर लिया। आरोपी की पहचान 44 वर्षीय मिलन रजक के रूप में हुई है, जो मुंबई के सांताक्रूज का निवासी है।

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उसने पुलिस को सूचित किया कि उसका मोबाइल फोन मुंबई के शिवाजी नगर निवासी प्रमोद माली नाम का उसका दोस्त इस्तेमाल कर रहा था। बाद में पुलिस ने प्रमोद को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें बताया कि वे मुंबई में एक ठेकेदार के अधीन सफाई कर्मचारी हैं। उनके ठेकेदार ने उन्हें उनके परिवार के सदस्यों से मिलने की अनुमति नहीं दी और वह उन्हें परिवार के सदस्यों से मिलने का समय दिए बिना एक दूसरी ट्रेन से दूसरी ट्रेन में शिफ्ट कर देते थे इसलिए आरोपी ने ट्वीट किया था।

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वे ट्रेनों के शेड्यूल में बदलाव करना चाहते थे ताकि वे अपने परिवार के सदस्यों के साथ समय बिता सकें। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने कुछ ही दिनों में गुजरात, गोरखपुर और बांद्रा में भी इसी जानकारी के साथ ट्वीट किया था। जीआरपी पुलिस के अधिकारी मामले की आगे की जांच कर रहे हैं।