उज्जैन कलेक्टर का एक्शन-1 पटवारी और 2 निगम कर्मचारी निलंबित, 2 बर्खास्त

कलेक्टर ने साफ कहा कि समय-सीमा में उपयुक्त कारण बताने पर सम्बन्धित को सूची से नहीं हटाया जायेगा, किन्तु अपात्र सिद्ध होने पर उक्त व्यक्ति का नाम BPL सूची से हटा दिया जायेगा।

उज्जैन कलेक्टर

उज्जैन, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन जिले में कलेक्टर (Ujjain Collector) ने बड़ी कार्रवाई की है। उज्जैन कलेक्टर ने बीपीएल सर्वेक्षण का कार्य धीमा होने पर एक पटवारी, 2 नगर निगम कर्मचारी को निलंबित (Suspended) और 2 आशा कार्यकर्ताओं को बर्खास्त (Dismissed) करने के निर्देश दिए है।वही कलेक्टर ने आगामी 15 अप्रैल 2021 तक सर्वेक्षण का कार्य पूरा कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए है। इस सम्बन्ध में 15 अप्रैल को बैठक आयोजित की जायेगी।

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दरअसल, निकाय चुनावों (Municipal Election) से पहले उज्जैन (Ujjain) शहर में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे लोगों की सूची का सर्वेक्षण कार्य चल रहा है।यहां 54 वार्डों में पटवारी के साथ शिक्षक व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सर्वेक्षण के लिये लगाये गये हैं, बावजूद इसके काम समय पर नहीं हो पा रहा है, इसी के चलते उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने नाराजगी व्यक्त करते हुए काम में लापरवाही बरतने पर पटवारी (Patwari) अंजु राजावत हलका नम्बर-9, नगर निगम के कर्मचारी राजेश घावरी व श्याम कोली को निलंबित करने के निर्देश दिये हैं।

वही उज्जैन कलेक्टर ने सर्वेक्षण दल का सहयोग न करने के कारण आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (Anganwadi Worker) शारदा बैरागी आंगनवाड़ी केन्द्र भगतसिंह मार्ग तथा अंजू बंगेरिया आंगनवाड़ी केन्द्र जयसिंहपुरा को भी बर्खास्त करने के लिये जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया है।

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इतना ही नहीं उज्जैन कलेक्टर ने सर्वेक्षण कार्य में जुटे सभी कर्मचारियों को निर्देशित किया कि उनको किसी व्यक्ति का नाम सूची से हटाने का अधिकार नहीं है। वे केवल अपात्र व्यक्ति को चिन्हित कर अपना प्रतिवेदन तहसीलदार को प्रस्तुत करेंगे। तहसीलदार स्तर से सम्बन्धित व्यक्ति को नोटिस जारी किया जायेगा।

कलेक्टर ने साफ कहा कि समय-सीमा में उपयुक्त कारण बताने पर सम्बन्धित को सूची से नहीं हटाया जायेगा, किन्तु अपात्र सिद्ध होने पर उक्त व्यक्ति का नाम BPL सूची से हटा दिया जायेगा। यह राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। अपात्र लोग राष्ट्रीय संसाधन का दुरूपयोग कर रहे हैं। इनको रोकने की जिम्मेदारी सर्वेक्षण में लगे लोगों पर है।