उमरिया, बृजेश श्रीवास्तव। प्रदेश सरकार के मुखिया ने विधवा महिलाओं को कल्याणी का नाम दिया है। मगर अब वही कल्याणी अपनी व्यथा लेकर दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। न तो स्थानीय पुलिस ने उसकी फरियाद सुनी और न ही रेंज और भोपाल स्तर पर बैठे अधिकारियों ने, जिसके कारण अब पीड़िता आत्महत्या करने की चेतावनी दे रही है।

तीन माह से भटक रही दुष्कर्म पीड़िता, इंसाफ न मिलने पर दी आत्महत्या की चेतावनी

घटना मानपुर थाने के कठार गांव के छिंदिहा टोला की है, जहां रहने वाली विधवा युवती के साथ गांव के ही विजय बहादुर पटेल ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। इस दौरान  युवती गर्भवती हो गई और बहादुर पटेल बाद में शादी से मुकर गया। युवती का कहना है कि विजय बहादुर पटेल ने झोला छाप डॉक्टरों से उसका गर्भपात कराने की कोशिश की लेकिन असफल हो गया। इसके बाद वो सूरत चला गया, बाद में आरोपी से बात करके युवती भी अपने भाई के साथ सूरत पहुंची तो वो वहां से भी गायब हो गया। उसी दौरान कोरोना के कारण लॉकडाउन लग गया तो आरोप युवक भी घर वापस आ गया। इसके बाद पीड़िता के परिवार ने समाज की बैठक बुलाई और वहां आरोपी के परिजनों ने 4 दिन की मोहलत मांगी लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी उनके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। इसपर युवती ने पुलिस की शरण ली लेकिन उसका आरोप है कि तीन माह बीत जाने पर भी पुलिस द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

पीड़िता के मामा ने आरोप लगाया कि मानपुर पुलिस ने आरोपी से 2 लाख रूपये ले लिये हैं और इसीलिए उसपर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इस मामले में उन्होेन 2 बार एसपी, 2 बार महानिरीक्षक शहडोल और कलेक्टर को भी शिकायत की गई लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि पुलिस उल्टा उन्हीं पर दबाव बना रही है। अब पीड़िता ने इंसाफ न मिलने की सूरत में आत्महत्या करने की चेतावनी दी है।

इनका कहना है: हमने टीम गठित कर दी है, लोकेशन ट्रेस हो रही है जल्द ही आरोपी गिरफ्तार किया जाएगा। भारती जाट – पीआरओ पुलिस एवं एसडीओपी उमरिया