उपचुनाव: दिग्विजय सिंह ने सिलावट पर लगाया गम्भीर आरोप, शिव-ज्योति पर भी जमकर बरसे

सांवेर के बीजेपी प्रत्याशी पर सीधा हमला बोलते हुए दिग्विजयसिंह ने कहा कि जब वो कांग्रेस सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे और ये सही घटना तुलसीराम सिलावट से पूछ लेना क्योंकि मैं बिना प्रमाण के बात नही करता और जो कह देता हूँ कभी मैं वापस नही लेता।

इंदौर, आकाश धोलपुरे।  इंदौर (indore) में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह (Former Chief Minister Digvijay Singh) ने चुनावी सभा के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) को जमकर घेरा और कहा कि कांग्रेस (congress) ने सिंधिया को बहुत कुछ दीया यहां तक कांग्रेस में गांधी परिवार से मिलने के लिए उनको खुद मिलने के लिये समय दिया जाता है लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया बेरोकटोक गांधी परिवार से मिलते थे।

उन्होंने मंदसौर की घटना के बाद सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) द्वारा शिवराज (shivraj Singh Chouhaan)के खिलाफ दिए गए भाषण को याद दिलाया और कहा, तब सिंधिया ने कहा था कि शिवराज के हाथ खून से रंग और वो कितना भी साफ कर उसके धब्बे कभी नही जाएंगे। लेकिन अब सिंधिया के पास अचानक कोई साबुन हाथ लग गया।

वही उन्होंने कहा कि सिंधिया जब कांग्रेस सरकार के मंत्रिमंडल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे है तो उन्हें ये भी पता होना चाहिए कि उसी मंत्रिमंडल में आपके 6 मंत्री शामिल थे। दिग्विजयसिंह ने सीधे ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमला बोला और कहा कि वो गद्दार है और जनता लोकतंत्र को बचाने के लिए सबक सिखाएगी। कांग्रेस में सिंधिया का कद अलग था और बीजेपी में तो आप देख ही रहे है और अब जब कांग्रेस 28 सीटों पर चुनाव जीतेगी तो सिंधिया बीजेपी (bjp) में क्या रह जाएंगे ये सोच सकते है।

Read This: सीएम शिवराज के बेटे कार्तिकेय ने लिया दिग्विजय का आर्शीवाद, सुर्खियां बटोर रहा ये दिलचस्प नजारा

इधर, सांवेर के बीजेपी प्रत्याशी पर सीधा हमला बोलते हुए दिग्विजयसिंह ने कहा कि जब वो कांग्रेस सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे और ये सही घटना तुलसीराम सिलावट से पूछ लेना क्योंकि मैं बिना प्रमाण के बात नही करता और जो कह देता हूँ कभी मैं वापस नही लेता। उन्होंने कहा कि लाखन सिंह बघेल (lakhan singh baghel) बीएसपी विधायक कांग्रेस में आये और वो मेरे पास में आये की मेरा एक भांजा मंदसौर में ड्रग इंस्पेक्टर है उसका तबादला आप ग्वालियर करवा दूँ। तब मैंने कहा करवा देंगे, मैंने तुलसी सिलावट को फ़ोन लगाया और कहा कि तुलसी ये काम कर देना। उसके बाद चार चिट्ठियां मैंने लगातार लिखी लेकिन तुलसीराम सिलावट ने आदेश नही दिया।

साहब उनका कोई दलाल मेरे पास आया था- दिग्विजय सिंह

तब बघेल मेरे पास आया और कहने लगा कि साहब उनका कोई दलाल मेरे पास आया था और मुझसे 3 लाख रुपए मांग रहा था। मैंने कहा एक पैसा मत देना हमारी सरकार है। 6 मार्च को जब तुलसी ने प्रस्थान किया उसके एक रात पहले मैंने जब मुझे पता नही था कि तुलसी जाने की तैयारी में है मैंने कहा तुलसी भाई मैने जो कहा वो कर दे वो बघेल साहब खड़े हुए है। तब तुलसी ने कहा कि भाई साहब मैं प्रॉमिस कर रहा हूँ कल सुबह आदेश ले जाये मेरे घर से वो आदेश क्या वो रात को ही भग गया बैंगलोर। इसके बाद उन्होंने कहा कि ऐसे आदमी पर कैसे भरोसा करे जो कि छोटे छोटे तबादलों में 3-3 लाख मांग रहा है और खुलेआम भोपाल में चर्चा थी सभी जानते है की किसके माध्यम से दलाली हो रही थी।

Read this: सांवेर से सिंधिया ने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर साधा निशाना, कहा – प्रजातंत्र के मंदिर में भ्रष्टाचार और ट्रांसफर उद्योग चल रहा था

इधर, शिवराजसिंह चौहान को घेरते हुए दिग्विजयसिंह ने कहा कि जिस दिन कमलनाथ नद मुख्यमंत्री पद की शपथ ली उस दिन से ही बीजेपी के वर्तमान मंत्रिमंडल में शामिल दो मंत्री उस वक्त कांग्रेसी विधायको 5 करोड़ रुपए से 10 करोड़ रुपए तक ऑफर दे रहे थे तब मैंने उन लोगो से बात की तो वो मुकर गए। इसलिए मैंने मार्च 1 व 2 को कह दिया था कि 35 करोड़ में विधायकों को खरीदने की बात सामने आ रही है। इधर, शिवराजसिंह चौहान के गांव जैत में खड़े 200 से ज्यादा डंपर पर सवाल उठाते हुए दिग्विजयसिंह ने कहा वो फूल और दूध बेचकर करोड़ो कमा रहे है और नर्मदा में इतनी रेत निकल गई है कि दो हाथी डूब जाए इतनी गहराई हो गई है।

 गुड्डू ने मुझे फ़ोन लगाया था कि मैं आना चाहता हूं-दिग्विजय सिंह

प्रेमचंद गुड्डू को ईमानदार और अनुशासित बताते हुए उन्होंने लोगो से अपील की वो गुड्डू को जिताये क्योंकि गुड्डू ने जिन लोगो के कारण पार्टी छोड़ी थी उन्ही लोगो के भाग जाने के बाद गुड्डू ने मुझे फ़ोन लगाया था कि मैं आना चाहता हूं। इसका मतलब ये नही था कि गुड्डू के मन मे सांवेर का कोई लालच था। उन्होंने कहा कि गुड्डू 1998 में सांवेर से लड़कर जीता और मेरे मंत्रिमंडल में खूब अच्छा काम किया और 2003 में मैंने गुड्डू से कहा कि 1985 से आलोट जीत नही सके तो तुम जाओ तब गुड्डू ने तुरंत कहा है मैं लड़ूंगा। वही दिग्विजयसिंह ने 2003 में सिलावट के सांवेर से चुनाव लड़ने के मामले में सिंधिया के दबाव को अपने शब्दों के बयां किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here