नीमच-जावद में भाजपा पिछड़ रही, कांग्रेस बाजी पलटने की कगार पर

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जिले में कांग्रेस और भाजपा में मुख्य मुकाबला अंतिम चरण में पहुंचने लगा है। कांग्रेस तीनों सीट पर भाजपा को कड़ी टक्कर दे रही हैं। सबसे ज्यादा रौचक संघर्ष नीमच और जावद में दिखाई देने लगा है। अब दोनों सीट पर भाजपा से कांग्रेस अव्वल दिखाई देने लगी। मनासा में किसान नेता भाजपा पर भारी पड़ते हुए दिखाई दे रहे।

नीमच। श्याम जाटव।

प्रदेश में 15 साल से वनवास भोग रही कांग्रेस सत्ता पर काबिज होने के लिए ऐड़ी चोटी का जोर लगा रही। इसका असर जिले में देखने को मिल रहा है। यहां पर तीनों सीट नीमच, मनासा व जावद में कांग्रेस एकजुट होकर मैदान में है और भाजपा से सीट छिनने के लिए काफी मेहनत की जा रही है।  हालांकि दोनों पार्टियों में भितरघात होने का डर सता रहा हैं।

 -विधायक परिहार की खिसकी जमीन 

जानकारी के अनुसार नीमच से विधायक व प्रत्याशी दिलीपसिंह परिहार का गांव-गांव में विरोध तेज होने लगा। विरोध को डैमेज कण्ट्रोल करने के लिए सारे प्रयास धराशायी हो गए। पार्टी का एक धड़ा ही परिहार को हराने की कोशिश में लगा हुआ है। यहां से उम्मीदवारी की लाइन में लगे नेता ही परिहार को किसी भी तरह से नुकसान पहुंचाने में पीछे नहीं हैं। दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर लगातार विरोध की खबरे चल रही है। जिससे परिहार के खिलाफ माहौल बनने लगा और इसी का फायदा कांग्रेस प्रत्याशी सत्यनारायण पाटीदार उठा रहे है। पाटीदार बाहरी होने के बाद भी कड़ी टक्कर दे रहे है और क्षेत्र में अपार जनसमर्थन भी मिल रहा है।

-सखलेचा की मुश्किलें कम नहीं हुई

हम बात कर रहे है जावद विधानसभा क्षेत्र की यहां से भाजपा प्रत्याशी विधायचक ओमप्रकाश सखलेचा के खिलाफ अंडर करंट तेज हो गया। लोगो ने मन बना लिया इस बार सखलेचा को चुनाव हराकर जावद से नोयडा भेज देंगे। इलाके में सबसे ज्यादा आक्रोश एक ही व्यक्ति को टिकट देने से भाजपा आलाकमान के खिलाफ भी गुस्सा है और एक दिन पहले ही उम्मेदपुरा में नारेबाजी हुई। दूसरा कारण जावद नगर परिषद चुनाव में अध्यक्ष प्रत्याशी रही अलका तलेसरा की करारी हार को लोग भूले नहीं है।

-निर्दलीय और कांग्रेस में चुनावी सघर्ष

यहां से कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार अहीर फिल्म अभिनेत्री नगमा के रोड शो के बाद अपनी जीत पक्की मान कर चल रहे है तो कांग्रेस से बगावत करके मैदान मे उतरे इंदौर के कारोबारी समंदर पटेल ने कांटे का मुकाबला बना दिया। पटेल प्रचार में कोई कमी नहीं छोड़ रहे है। उनका बूथ मैनेजमेंट इंदौर-देवास से आए समर्थक देख रहे है। अहीर का क्षेत्र में मजरे टापरे तक कड़ा  बूथ मैनेजमेंट हैं और गांव-गांव का प्रत्येक बच्चा-बच्चा परिचित है। यहां पर दोनों प्रत्याशियों के लिए करो या मरो जैसी स्थिति निर्मित हो गई। 

-माधव पर भारी उमराव

मनासा विधानसभा से किसान नेता व कांग्रेस प्रत्याशी उमरावसिंह गुर्जर का मुकाबला भाजपा के माधव मारू से हैं। दोनों ने के समर्थक अपनी-अपनी जीत दावे करते हुए थक नहीं रहे। गुर्जर क्षेत्र में गायरी, गुर्जर, मीणा व बंजारा समाज के बूते अपनी चुनावी वैतरणी पार करना चाहते है तो मारू अपने परंपरागत 35 हजार वोट के भरोसे ताल ठोक रहे है। मारू के पक्ष में भाजपा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयर्गीय सभा कर चुके है। गुर्जर के पक्ष में 24 सांसद व फिल्म कलाकार राज बब्बर चुनावी आमसभा को संबोधित करेंगे।