नगर निकाय चुनाव : इस तरह होंगे नॉमिनेशन, बोले निर्वाचन आयोग सचिव – साथ करें तैयारी

राजनीतिक दलों द्वारा निर्वाचन आयोग के यह भी मांग रखी गई थी कि प्रदेश में नगर निकाय चुनाव से पहले पंचायत चुनाव करवाया जाए। अब ऐसी स्थिति में नगरीय निकाय चुनाव पंचायत चुनाव की तैयारी साथ साथ की जा रही है।

निकाय चुनाव

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में नगरीय निकाय और पंचायत निर्वाचन (Urban Bodies and Panchayat Elections) की तैयारी जोरों से चल रही है। हालांकि हाईकोर्ट (high court) द्वारा जहां आरक्षण प्रक्रिया (reservation process) पर रोक लगा दी गई है। वहीं राज्य शासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट (supreme court) में हाईकोर्ट (high court) के फैसले को चुनौती दी गई है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों को निर्देश देते हुए राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव दुर्ग विजय सिंह (durg vijay singh) ने कहा कि प्रदेश में नगर निकाय और पंचायत निर्वाचन (panchayat election) की तैयारी एक साथ किया जाए। इसके बाद इतना तो तय है कि नगर निकाय या पंचायत निर्वाचन की तारीखों का ऐलान जल्द ही संभव है।

दरअसल प्रदेश में आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव को देखते हुए मध्यप्रदेश में निर्वाचन संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित हुई इस बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव दुर्ग विजय सिंह ने अधिकारियों को तैयारियां जारी रखने के निर्देश दिए हैं। दुर्ग विजय सिंह ने कहा कि सभी अधिकारी निर्देशन पत्रों की प्राप्ति, उनकी संविक्षा, नाम वापसी और प्रतीक आवंटन के संबंध में तैयारियां सुनिश्चित करें।

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वहीं राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव दुर्ग विजय सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि आयोग द्वारा जो भी जानकारी मांगी जाए। उसे तुरंत उपलब्ध कराएं। सचिव दुर्ग विजय सिंह ने कहा कि उम्मीदवार ऑनलाइन सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन नॉमिनेशन फॉर्म (online nomination form) भर सकेंगे। इसके लिए सबसे पहले पोर्टल पर पंजीयन (registartion) करना होगा। जिसके बाद पासवर्ड जनरेट (password generate) किया जाएगा और एक रजिस्ट्रेशन नंबर उपलब्ध कराए जाएंगे। वही ऑनलाइन सॉफ्टवेयर तीन स्तर पर काम करेगा। पहले नॉमिनेशन दूसरे में शपथ और फिर जरूरी दस्तावेज स्कैन कर उसे पोर्टल पर जमा करना होगा।

दुर्ग विजय सिंह ने बताया कि ऑलइन सॉफ्टवेयर की भाषा यूनिकोड है। इसमें शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, न्यायालय संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा नॉमिनेशन की पूरी प्रक्रिया के दौरान तीन बार मोबाइल नंबर पर ओटीपी (OTP) भेजा जाएगा। जिसके प्रिंट निकाल कर रिटर्निंग ऑफिसर के पास जमा करना अनिवार्य होगा।

इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बार-बार प्रशिक्षण प्रक्रिया आयोजित नहीं की जाएगी। इसलिए आज जो बातें बताई जा रही है। उसे ध्यान से सुने और उस प्रक्रिया का पालन किया जाए। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव दुर्विजय सिंह ने कहा कि आगामी नगरीय निकाय पंचायत चुनाव की तैयारी में कोरोना गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन किया जाए।

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इसके साथ ही राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनिंग के दौरान निर्वाचन की घोषणा के बाद की जाने वाली कार्रवाई और आदर्श आचार संहिता के बारे में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में बताया गया। प्रशिक्षण में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आईईएमएस सहित निर्वाचन संबंधी आईटी टूल और एप्लीकेशन के बारे में जानकारी दी गई।

ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश में नगर निकाय चुनाव की पूरी तैयारी कर ली गई थी लेकिन तारीखों की घोषणा से कुछ दिन पूर्व मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा आरक्षण की प्रक्रिया पर स्टे दे दिया गया था। जिसके बाद पुनः नए सिरे से आरक्षण प्रक्रिया करने की बात कही गई थी। इस मामले में राज्य शासन ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक दलों द्वारा निर्वाचन आयोग से यह भी मांग रखी गई थी कि प्रदेश में नगर निकाय चुनाव से पहले पंचायत चुनाव करवाया जाए। अब ऐसी स्थिति में नगरीय निकाय चुनाव पंचायत चुनाव की तैयारी साथ साथ की जा रही है।