Assam के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वास ने आप्रवासी मुस्लिमों को दी ‘डीसेंट’ फैमिली प्लैनिंग की सलाह

गुवाहाटी (guwahati) में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे अतिक्रमण विरोधी अभियान के बारे में पूछा गया जिसमें विस्थापित किए जाने वाले लोगों में सबसे ज़्यादा आबादी आप्रवासी मुस्लिमों की थी तब उन्होंने ये बड़ा बयान दिया।

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गुवाहाटी, डेस्क रिपोर्ट। असम (assam) के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वास (cm hemant biswas) ने आज आप्रवासी मुस्लिम (immigrant muslims) और आबादी से संबंधित बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सामाजिक खतरे जैसे कि भूमि अतिक्रमण (land encroachment) रोके जा सकते हैं अगर आप्रवासी मुस्लिम फैमिली प्लानिंग (family planning) के नियम मानें और अपनी आबादी को नियांत्रित करें। गुवाहाटी (guwahati) में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे अतिक्रमण विरोधी अभियान के बारे में पूछा गया जिसमें विस्थापित किए जाने वाले लोगों में सबसे ज़्यादा आबादी आप्रवासी मुस्लिमों की थी तब उन्होंने ये बड़ा बयान दिया।

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एक महीना पहले ही मुख्यमंत्री बने हेमंत बिस्वास ने राज्य के प्रसिद्ध कामाख्या देवी मंदिर का ज़िक्र करते हुए कहा, ” अगर इसी तरह से आबादी का विस्तार होता रहा तो एक दिन कामाख्या मंदिर की जमीन पर भी अतिक्रमण कर दिया जाएगा। यहां तक कि मेरे घर में भी अतिक्रमण होने लगेगा। हमने पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान ही ‘पॉपुलेशन पॉलिसी’ को अधिनियमित किया था। लेकिनबआबादी को नियंत्रित करने के लिए हमें खासकर माइनॉरिटी मुस्लिम समाज के साथ इसपर काम करना पड़ेगा। जंगलों, मंदिरों और वैष्णव समाज की जमीनों पर हम अतिक्रमण नहीं कर सकते। लेकिन मैं समझ सकता हूँ कि ये सब घनी आबादी के कारण होता है। लोग रहेंगे कहां?”

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वहीं AIUDF के महासचिव और मनकचर चुनाव क्षेत्र से एमएल, अनिमूल इस्लाम ने कहा, ” मुख्यमंत्री का बयान एक समुदाय को टारगेट कर रहा है और ये राजनीति से प्रेरित है।”

पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा का एजेंडा था कि असम के स्वदेशी समुदायों को बचाया जाए। बता दें कि आप्रवासी मुस्लिम असम की 3.12 करोड़ की आबादी का 31% हिस्सा हैं। इसी के साथ 126 विधानसभा सीटों में 35 सीटों के यहीं निर्णायक हैं।