नागरिकता कानून: दिल्ली में हिंसक प्रदर्शन, बसें फूंकी, आरोप- प्रत्यारोप शुरू

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन अधिनियम और एनआरसी के विरोध में देश की राजधानी दिल्ली में हिंसक प्रदर्शन हुआ|  खबर है कि जामिया नगर इलाके में प्रदर्शनकरियों उग्र हो गए और बसों में आग लगा दी है। वहीं आग बुझाने के लिए दमकल की 4 गाड़ियां मौके पर पहुंची, तो प्रदर्शनकारियों ने इन गाड़ियों पर भी हमला कर दिया, जिसमें एक फायरमैन को चोटें आयी हैं। इस बीच आगजनी और तोड़फोड़ की घटना पर सियासत भी शुरू हो गई है|

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि सीएम केजरीवाल के इशारे पर आम आदमी पार्टी का विधायक जनता को हिंसा के लिए भड़का रहा है। वहीं आप विधायक अमानतुल्लाह ने कहा कि जिस जगह हिंसा हुई, वहां पर मैं मौजूद नहीं था। एसएचओ शाहीनबाग़ मौके पर मौजूद थे। इस मामले में प्रोग्राम की वीडियो रिकॉर्डिंग और CCTV फुटेज भी मौजूद है। 

दरअसल, दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों का रविवार को पुलिस के साथ संघर्ष हो गया और उन्होंने दक्षिण पूर्व दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में डीटीसी की कई बसों और एक अग्निशमन गाड़ी में आग लगा दी। पुलिस ने बताया कि इस हिंसक प्रदर्शन में एक सिपाही और दो दमकलकर्मी जख्मी हो गए। हालांकि, जामिया मिल्लिया छात्रों के समूह ने बयान जारी कर नागरिकता अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा से खुद को अलग किया। 

उधर, सीएम अरविंद केजरीवाल ने आगजनी और तोड़फोड़ की घटना की कड़ी निंदा की है और कहा है, किसी को भी हिंसा में शामिल नहीं होना चाहिए। किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार्य नहीं है। विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए।