मां दूर्गा पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले अतिथि शिक्षक निलंबित, पढ़िए क्या है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश में काशी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ अतिथि शिक्षक ने मां दुर्गा को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे पूरे हिंदू समाज में बवाल मच गया।

लखनऊ, डेस्क रिपोर्ट। शारदीय नवरात्रि (Navratri) का पर्व चल रहा है हिंदू धर्म में नवरात्रि पर्व पर मां दूर्गा का काफी ज्यादा महत्व माना जाता है। नवरात्रि के 9 दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। साथ ही शारदीय नवरात्रि में गरबा खेलने का भी काफी ज्यादा महत्व माना जाता है। कहा जाता है कि मां के दर्शन करने से सारे कष्टों का निवारण हो जाता है साथ ही, भक्तों की पूरी मनोकामनाएं भी पूर्ण होती है। इतना ही नहीं संतान प्राप्ति के लिए भी यहां किए गए सिर्फ एक उपाय से ही जीवन खुशहाल बन जाता है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में काशी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ अतिथि शिक्षक ने मां दुर्गा को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे पूरे हिंदू समाज में बवाल मच गया।

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कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों में आक्रोश का माहौल बन गया। जिसके बाद छात्रों ने प्रशासन से इस पर ठोस कदम उठाने की मांग की। इधर माहौल खराब होता देख प्रशासन ने अतिथि शिक्षक मिथिलेश गौतम को निलंबित कर दिया साथ ही उनका परिसर में आना वर्जित कर दिया।

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दरअसल, गेस्ट फैकेल्टी मिथिलेश गौतम ने सोशल मीडिया के जरिए नवरात्रि पर व्रत रखने वाली महिलाओं को नसीहत देते हुए लिखा था कि, “महिलाओं को नौ दिन के नवरात्र व्रत से अच्छा है कि नौ दिन भारतीय संविधान और हिंदू कोड बिल पढ़ लें, उनका जीवन गुलामी और भय से मुक्त हो जाएगा. जय भीम”। इसके साथ ही मिथलेश गौतम ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर अरुण प्रताप यादव नाम के व्यक्ति की पोस्ट को शेयर किया था। जिसमें मां दुर्गा और महिषासुर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। जिसके बाद उनके पोस्ट पर यूजर इसका विरोध करते हुए उन्हें करारा जवाब भी दिया। इतना ही नहीं मुद्दा तब गर्माया जब लोग सड़कों पर उतरकर इसका विरोध करने लगे। बता दें कि लोगों में इस विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र भी शामिल थे। जिनमें इतना आक्रोश था कि उन सभी ने तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। छात्रों के विरोध के बाद 29 सितंबर को ज्ञापन सौंपा गया था।

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वहीं, इसी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले एक छात्र ने बताया कि, “विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रशासन को ऐसे कुंठित सोच वाले प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय से हटा देना चाहिये ताकि विश्वविद्यालय का माहौल खराब न हो। छात्रों ने ये भी मांग की पुलिस इस मामले में आरोपी गेस्ट प्रोफेसर की गिरफ्तारी भी करें नहीं तो हम छात्र आंदोलन को और तेज करेंगे।

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