Goa-Mumbai Vande Bharat Train : रेलवे ने रद्द की गोवा-मुंबई वंदे भारत ट्रेन की लॉन्चिंग, जानें इसकी वजह

Atul Saxena
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Goa-Mumbai Vande Bharat Train: गोवा की पहली वंदे भारत ट्रेन की लॉन्चिंग रद्द कर दी गई है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 3 जून को इसे हरीझंडी दिखाने वाले थे, ये भारत की 19 वंदे भारत ट्रेन होती जो पटरियों पर आज से दौड़ने लगती, लेकिन ओडिशा के बालासोर में हुई भीषण ट्रेन दुर्घटना के कारण लॉन्चिंग कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।

ओडिशा ट्रेन हादसे के कारण कोंकण रेलवे ने रद्द किया लॉन्चिंग कार्यकम 

कोंकण रेलवे के अधिकारियों के दुर्घटना के बाद गोवा-मुंबई वंदे भारत ट्रेन के लॉन्चिंग समारोह के रद्द होने की जानकारी दी , कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वीडियो लिंक के जरिये ट्रेन की ट्रेन को हरी झंडी दिखाने वाले थे वहीँ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को गोवा के मडगांव रेलवे स्टेशन पर मौजूद रहना था। लेकिन ट्रेन हादसे के कारण रेल मंत्री कल शाम से ही ओडिशा के बालासोर में हैं ।

साढ़े सात घंटे में तय करेगी मडगांव और CSMT स्टेशन के बीच की दूरी 

गोवा को मिलने वाली पहली वंदे भारत ट्रेन मडगांव रेलवे स्टेशन से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस रेलवे स्टेशन के बीच चलेगी, ये दूरी वंदे भारत ट्रेन साढ़े सात घंटे में तय करेगी। इस ट्रेन में दूसरी वंदे भारत ट्रेन की तरह 16 कोच नहीं हैं 8 कोच हैं, आपको बता दें कि अभी इस रूट पर तेजस एक्सप्रेस चलती है ये सुपर फ़ास्ट ट्रेन मडगांव और CSMT के बीच की दूरी 8 घंटे 40 मिनट में तय करती है यानि वंदे भारत ट्रेन से यात्रियों का समय बचेगा।

29 मई को पीएम मोदी ने 18 वी वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी 

आपको बता दें कि पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल के न्यूजलपाईगुड़ी से असम के गुवाहाटी के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन की 29 मई को हरी झंडी दिखाई थी, ये ट्रेन देश की 18 वी वंदे भारत एक्सप्रेस थी, खास बात ये है कि पूर्वोत्तर राज्य की पहली और बंगाल की तीसरी वंदे भारत ट्रेन थी।

जानें क्या है वंदे भारत ट्रेन की खासियत

  • पीएम मोदी के मेक इन इंडिया के सपने को साकार करने वाली ट्रेन है वंदे भारत एक्सप्रेस।
  • ट्रेन में जीपीएस आधारित सूचना सिस्टम, वैक्यूम आधारित शौचालय, आटोमैटिक स्लाइडिंग डोर, एलईडी टीवी भी है।
  • दरवाजे स्वचलित होंगे। जब ट्रेन प्लेटफार्म पर खड़ी होगी, तब दरवाजे खुल रहेंगे। यदि बंद रहते हैं तो गेट के सामने जाकर खड़े होने पर दरवाजे स्वत: खुल जाएंगे। यानि मेट्रो ट्रेन की तरह ही दरवाजे होंगे।
  • कोच के अंदर भी एक से दूसरे कोच में जाने के लिए जिन दरवाजों से गुजरना होगा, वे भी स्वचलित होंगे।
  • यात्री लोको पायलट व सहायक लोको पायलट से बात कर सकेंगे। इसके लिए प्रत्येक कोच के अंदर व प्रत्येक मुख्य गेट पर आपातकालीन टाकबैक यूनिट लगाई गई है। हालांकि यह सुविधा केवल आपातकालीन स्थिति के लिए होगी।
  • शौचालय में अग्निशामक यंत्र रखे हैं जिनका उपयोग आग लगने की स्थिति में किया जा सकेगा।
  • कोच में फोल्डिंग टेबल दी गई है जिसका उपयोग यात्री अपनी सुविधा के अनुसार कर सकेंगे।
  • कोच में दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष हैंडल लगाकर उन पर ब्रेल लिपि में बर्थ संख्या का उल्लेख किया गया है। ताकि दिव्यांगजन आसानी से अपनी बर्थ तक पहुंच सकें।
  • एग्जीक्यूटिव श्रेणी के कोच की चेयरकार बर्थ, जिन्हें यात्री आसानी से 180 डिग्री एंगल पर सुविधा अनुरूप घुमाकर बैठ सकेंगे।
  • ट्रेन के गेट पर सीसीटीवी लगे हैं। आपातकालीन स्थिति में कांच तोड़ने के लिए प्रत्येक कोच में हथौड़े दिए गए हैं।
  • ये देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन है जिसकी अधिकतम स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटा है।
  • यह ट्रेन पूरी तरह भारत में डिजाइन और मैन्युफैक्चर की गई है।

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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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