Employees Promotion : लाखों शिक्षक-कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, मिलेगा पदोन्नति का लाभ, प्रक्रिया शुरू, 13 जनवरी तक मांगी गई जानकारी

10 साल के बाद आखिरकार शिक्षकों को प्रोन्नति का लाभ दिया जाएगा। वहीं प्रमोशन के लिए फिलहाल मेरिट के मानकों का इस्तेमाल नहीं किया जाना है। 3 साल की सेवा अवधि पूरी करने के साथ ही कर्मचारी पदोन्नति की पात्रता रखेंगे।

Employees-Teachers Promotion : प्रदेश के 3 लाख से अधिक शिक्षकों को जल्द प्रमोशन का लाभ मिलेगा। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। 10 साल के बाद शिक्षकों को आखिरकार प्रमोशन का लाभ मिलेगा। 3 लाख शिक्षकों के अलावा 70000 प्रधानाध्यापकों को भी पदोन्नति दी जाएगी। आदेश के अनुसार बेसिक शिक्षा परिषद के जिला वार प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक और जूनियर स्कूल के शिक्षक के रिक्त पदों का ब्यौरा मांगा गया है।

13 जनवरी तक सभी रिक्त पदों की सूचना तलब

बेसिक शिक्षा निदेशक, यूपी, शुभा सिंह द्वारा 13 जनवरी तक सभी रिक्त पदों की सूचना तलब की गई है। जानकारी के मुताबिक प्रमोशन के लिए भी मेरिट के मानकों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। वही मानव संपदा पोर्टल पर इस हफ्ते मानक का मूल्यांकन करने के बाद प्रमोशन में मानकों का इस्तेमाल किया जाना है।

ज्येष्ठा सूची की जाएगी तैयार

प्राथमिक शिक्षकों की पदोन्नति पुराने तरीके से की जाएगी। प्राचार्य की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाएगा। साथ ही शिक्षकों की गोपनीयता प्रतिवेदन के आधार पर जिला स्तर पर ज्येष्ठा सूची तैयार की जाएगी। ज्येष्ठा सूची तैयार करने के साथ ही इसमें आपत्ति ली जाएगी। इसके बाद शिक्षकों का प्रमोशन किया जाना है।

विभाग द्वारा प्राइमरी शिक्षकों के प्रधानाध्यापक और जूनियर स्कूलों के सहायक अध्यापकों के पद पर पदोन्नति की जानी है। प्राइमरी शिक्षकों की पदोन्नति स्कूल के प्रधानाध्यापक और जूनियर स्कूल के शिक्षक के पद पर होती है। वहीं जूनियर स्कूल के शिक्षकों को जूनियर स्कूल के प्रधानाध्यापक के पद पर पदोन्नत किया जाता है।

सेवाकाल के 3 वर्ष पूरे करने के साथ ही उन्हें पदोन्नति का लाभ

इधर जूनियर स्कूल में सीधी भर्ती और पदोन्नति के लिए शिक्षकों के बीच लंबे समय से प्रमोशन का विवाद चल रहा है। 2013 में 29000 गणित और विज्ञान के शिक्षकों की सीधी भर्ती हुई थी। वही सेवाकाल के 3 वर्ष पूरे करने के साथ ही उन्हें पदोन्नति का लाभ दिया जाता है। ऐसे में दोनों ही कैडर को एक समान मानकर सरकार द्वारा प्रमोशन का लाभ दिया जाना है। हर अधिकारी कर्मचारी के लिए शिक्षा परिषद द्वारा मानक तय किए गए हैं। इसी आधार पर उनके तबादले और पदोन्नति के नियम तय किए जाते हैं। वही फिलहाल यह मामला अभी हाईकोर्ट में लंबित है।