ज्ञानवापी मामले में हिंदू पक्ष को मिला व्यास तहखाने में पूजा का अधिकार, कैलाश बोले भारतीय सनातन संस्कृति की पुनः प्राण प्रतिष्ठा हो रही है

वाराणसी जिला अदालत ने ज्ञानवापी मामले को लेकर एक बड़ा फैसला दिया है। जहां हिंदू पक्ष को अब व्यास तहखाने में पूजा का अधिकार मिल गया है।

Gyanvapi

Gyanwapi Case: ज्ञानवापी मामले में हिंदू पक्ष को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। दरअसल वाराणसी जिला कोर्ट ने हिंदू पक्ष को व्यास तहखाना में पूजा करने की अधिकार दे दिया है। इतना ही नहीं कोर्ट में जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वह 7 दिनों के अंदर बैरिकेडिंग कर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करें।

आपको बता दें व्यास तहखाना मस्जिद के नीचे स्थित है। इस बारे में जानकारी देते हुए हिंदू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने कोर्ट के इस आदेश की तुलना 1 फरवरी 1996 में जस्टिस पांडे के आदेश से की जिसमें उन्होंने राम मंदिर का ताला खोलने का आदेश दिया था।

विष्णु जैन शंकर ने कही यह बात

इस मामले में बात करते हुए वकील विष्णु जैन ने बताया कि अब हम लोग जल्द ही जिला प्रशासन के पास जाकर कोर्ट के आदेश के अनुपालन की बात उनके समक्ष रखेंगे और जल्द ही इस बात का निर्धारण करेंगे की व्यास तहखाने में जल्द से जल्द पूजा अर्चना शुरू की जाए। जैन ने सरकार से भी जल्द पूजा शुरू हो इस बात को सुनिश्चित करने की मांग की है।

आपको बता दें अभी कुछ दिन पहले ही ASI में अपनी रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष रखी थी। इस रिपोर्ट में एएसआई ने कई ऐसे पुख्ता सबूत सामने रखे थे जिनमें मस्जिद के नीचे मंदिर होने के साक्ष्य प्रमाणित थे।

क्या है व्यास तहखाना

यह पहली बार नहीं है जब व्यास तहखाना में हिंदुओं द्वारा एक बार फिर पूजा अर्चना की जाएगी। वर्ष 1993 तक इस जगह पर पूजा अर्चना निरंतर रूप से जारी थी लेकिन बाद में मुलायम सरकार द्वारा इस पर रोक लगा दी गई थी और सभी पंडितों को भी हटा दिया गया था। अब कोर्ट के आदेश के बाद यहां काशी विश्वनाथ ट्रस्ट बोर्ड द्वारा फिर से रोज पूजा अर्चना शुरू की जाएगी।

बीजेपी नेता कैलाश विजयर्गीय ने दी बधाई

इस मामले में मध्य प्रदेश के दिग्गज बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। कैलाश ने इस फैसले को भारतीय सनातन संस्कृति की पुनः प्राण प्रतिष्ठा बताया है।

उन्होंने ने अपने पोस्ट में लिखा कि

जय शिव शंभू !!!

आज वाराणसी जिला कोर्ट ने ज्ञानवापी के व्यास जी तहखाने में व्यास परिवार को पूजा की अनुमति दे दी है। 31 वर्ष से तहखाने में पूजा-पाठ बंद था। यह समस्त देशवासियों के लिए गौरव की बात है।

भारतीय सनातन संस्कृति की पुनः प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। देश का भविष्य अतीत से सुंदर हो रहा है। भारत नव इतिहास का सृजन कर रहा है।

समस्त देशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं

जय विश्वनाथ🚩


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Shashank Baranwal

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पत्रकारिता उन चुनिंदा पेशों में से है जो समाज को सार्थक रूप देने में सक्षम है। पत्रकार जितना ज्यादा अपने काम के प्रति ईमानदार होगा पत्रकारिता उतनी ही ज्यादा प्रखर और प्रभावकारी होगी। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जिसके जरिये हम मज़लूमों, शोषितों या वो लोग जो हाशिये पर है उनकी आवाज आसानी से उठा सकते हैं। पत्रकार समाज मे उतनी ही अहम भूमिका निभाता है जितना एक साहित्यकार, समाज विचारक। ये तीनों ही पुराने पूर्वाग्रह को तोड़ते हैं और अवचेतन समाज में चेतना जागृत करने का काम करते हैं। मशहूर शायर अकबर इलाहाबादी ने अपने इस शेर में बहुत सही तरीके से पत्रकारिता की भूमिका की बात कही है– खींचो न कमानों को न तलवार निकालो जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो मैं भी एक कलम का सिपाही हूँ और पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूँ। मुझे साहित्य में भी रुचि है । मैं एक समतामूलक समाज बनाने के लिये तत्पर हूँ।

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