दुनियाभर में प्रवासी भारतीय सबसे ज़्यादा, 1.75 करोड़ लोग बसे हैं विदेशों में

नई दिल्ली। जब भी हमारे यहां से कोई विदेश पढ़ने या नौकरी के लिए जाता है तो हम बड़े गर्व से बताते हैं कि हमारे बच्चे या रिश्तेदार तो विदेश में रहते हैं। ये हमारे लिए एक प्राउड फीलिंग बन जाती है और यही वजह है कि हमारे यहां अधिक पढ़े लिखे या योग्य लोग विदेश में जाकर बसने का सपना देखते हैं। वहां उन्हें ज्यादा सुविधाएं और एक बेहतर भविष्य दिखता है और इसीलिए दुनियाभर में भारतीय मूल के लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस बात को अब संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ने भी साबित कर दिया है कि दुनिया भर में प्रवासियों की संख्या के मामले में भारत सबसे आगे है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019 में दुनिया भर में भारतीय प्रवासियों की संख्या 1.75 करोड़ है। इसके बाद प्रवासियों की संख्या के मामले में मैक्सिको दूसरे और चीन तीसरे नंबर पर है। इस रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनिया में इस समय प्रवासियों की संख्या लगभग 27.2 करोड़ है। संयुक्त राष्ट्र के जनसंख्या विभाग की ओर से ‘द इंटरनेशनल माइग्रेंट स्टॉक 2019’ के नाम से एक रिपोर्ट जारी की गई है जिसमें दुनिया के सभी देशों से जुड़े लिंग, उम्र और मूल के मुताबिक आंकड़े पेश किए गए हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया में कुल प्रवासियों की संख्या का एक तिहाई मात्र 10 देशों से हैं। साल 2019 में 1.75 करोड़ भारतीय विदेशों में रह रहे हैं, इस तरह प्रवासियों की संख्या के मामले में भारत पहले नंबर पर है। पिछले तीन साल में भारतीय प्रवासियों की संख्या में 0.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान बाहर बसे लोगों ने अपने देश में एक साल में 5.5 लाख करोड़ रुपए भेजे हैं। यह 2015 की तुलना में 70 हजार करोड़ रुपए ज्यादा है। प्रवासियों की संख्या के मामसे में मैक्सिको और चीन के बाद रूस चौथे (1.05 करोड़), सीरिया पांचवें (82 लाख), बांग्लादेश छठवें (78 लाख), पाकिस्तान सातवें (63 लाख), यूक्रेन आठवें (59 लाख), फिलीपीन 9वें (54 लाख) और अफगानिस्तान 10वें (51 लाख) स्थान पर है।