जब जयपुर में केंद्र सरकार पर जमकर गरजे कमलनाथ

डेस्क रिपोर्ट। देश में बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस ने राजस्थान की राजधानी जयपुर में ‘महंगाई हटाओ महारैली’ की। महारैली के लिए सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी भी जयपुर में पहुंचे। कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेताओं ने भी रैली को संबोधित किया। एक के बाद एक लगातार केंद्र की मोदी सरकार पर हमले जारी रहे। वही रैली में शामिल होने पहुंचे मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी जमकर केंद्र सरकार पर हमला बोला, इस मौके पर उन्होंने कहा, कि केंद्र सरकार ने पूरे देश के साथ धोखा किया है न सिर्फ युवाओं बल्कि किसान और आम आदमी के साथ भी छल किया है।

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आज हमारी संस्कृति पर आक्रमण हो रहा है।हमें देखना पड़ेगा कि हम कौन से रास्ते पर चलना चाहते हैं।देश की संस्कृति के रास्ते पर चलना चाहते हैं या मोदी की संस्कृति के रास्ते पर ? आज सबसे बड़ी चुनौती यही हमारे सामने है। देश की यही तस्वीर आज आपके सामने है। आज हमारा बेरोजगार नौजवान, भटकता नौजवान ,जो हमारे देश के भविष्य का नवनिर्माण करेगा, आज भटक रहा है।आज इसका भविष्य अंधेरे में है। आज के नौजवान और 20 साल पहले के नौजवान में बड़ा अंतर है। आज के नौजवान में एक तड़प है। वह चाहता है कि उसे रोजगार का मौका मिले। आज किसानों की स्थिति सभी के सामने है। आज वो परेशान है। हमारे देश की अर्थव्यवस्था कृषि क्षेत्र पर आधारित है।यह हमे कभी नहीं भूलना चाहिए कि किसानों की क्रय शक्ति बढ़ेगी, तभी देश की अर्थव्यवस्था बढ़ेगी।
आज कृषि क्षेत्र का क्या हाल है, महिलाओं पर अत्याचार हो रहे है, छोटे व्यापारियों की आज क्या स्थिति है ?
आज नौजवान बिना काम का, किसान बिना दाम का, छोटा व्यापारी बिना व्यापार का तो फिर मोदी जी आप किस काम के पिछले 7 साल में मोदी जी ने कितनी लंबी चौड़ी बात की। कोरोना को लेकर यह लोग कितने बड़े- बड़े दावे किया करते थे। मैं मुक्तिधाम-कब्रिस्तान के आंकड़े बता रहा हूं। किस प्रकार इन्होंने आँकड़े दबाने-छुपाने का काम किया।हमारे देश में कोरोना से कितने लोगों की मौते हुई। हमारे मध्य प्रदेश में ही ढाई लाख लोगों की मौत हुई और सरकार सिर्फ़ 10 हज़ार की मौत बता रही है।

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यह दबाने-छुपाने की राजनीति को हमें पहचाना होगा। हमारे देश के किसान भाइयों ने जो संघर्ष किया, वह हम सभी के सामने है। मोदी जी तीन कृषि क़ानून लाये। पूरे एक वर्ष किसानों का संघर्ष चला, 700 किसान शहीद हो गए लेकिन मोदी जी तक आवाज नही पहुँची। मोदी जी इन क़ानूनों को किसानों के हित में बताते रहे, जबकि किसान कहते थे कि यह हमारे हित में नहीं है,आप हमारे हित की चिंता मत करो, इसे वापस लो।पर मोदी जी को बेरोजगार नौजवान नहीं दिखता है, किसान की आवाज सुनाई नहीं देती है उनके तो कान नही चलते, आँख नही चलती, उनका तो सिर्फ़ मुंह चलता है।