मुख्तार अब्बास नकवी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से दिया इस्तीफा, बीजेपी से उपराष्ट्रपति पद के हो सकते है उम्मीदवार!

नकवी का राज्यसभा कार्यकाल 6 जुलाई को समाप्त हो रहा था। हालांकि, बिना सांसद रहे भी छह महीने तक मंत्री रह सकते हैं, लेकिन पीएम मोदी ने कैबिनेट में विदाई दे दी।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। नकवी केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री थे। इस्तीफा सौंपने से पहले नकवी ने कैबिनेट बैठक में हिस्सा लिया, जहां मंत्री के तौर पर नकवी के योगदान की तारीफ की। दरअसल, नकवी का राज्यसभा कार्यकाल 6 जुलाई को समाप्त हो रहा था। हालांकि, बिना सांसद रहे भी छह महीने तक मंत्री रह सकते हैं, लेकिन पीएम मोदी ने कैबिनेट में विदाई दे दी। नकवी के अलावा स्टील मंत्री आरसीपी सिंह के लिए भी आज कैबिनेट की आखिरी बैठक थी।

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार से शुरू हुआ था सफर

1998 में नकवी पहली बार चुनाव जीतकर संसद भवन पहुंचे थे, तब अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में उन्हें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बाद नकवी 2010 से 2016 तक उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य रहे। 2016 में उन्हें बीजेपी ने झारखंड से राज्यसभा भेजा।

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इस दौरान 26 मई 2014 को मोदी सरकार में उन्हें अल्पसंख्यक मामलों और संसदीय मामलों का राज्यमंत्री बनाया गया। लेकिन 12 जुलाई 2016 को नजमा हेपतुल्ला द्वारा इस्तीफा देने के बाद सरकार ने उन्हें अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारी संभालने के लिए दी। इसके बाद जब बीजेपी ने 2019 में प्रचंड बहुमत के साथ फिर से सरकार बनाई तब भी उन्हें अल्पसंख्यक मामलों का ही दायित्व सौंपा गया।

बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी में बीजेपी

मुख्तार अब्बास नकवी का केंद्रीय मंत्रिमंडल में कार्यकाल का विस्तार नहीं होने के बाद से सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि बीजेपी उन्हें उप-राष्ट्रपति पद के लिए नमित कर सकती है। इसके अलावा उनका नाम कई अन्य राज्यों के गवर्नर या एलजी के तौर पर भी चल रहा है। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए भी नामांकन शुरू हो चुका है। एनडीए जल्दी ही अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान करेगा।

कयास लगाए जा रहे है कि मुख्तार अब्बास नकवी को उप-राष्ट्रपति पद के लिए मैदान पर उतारकर पार्टी मुस्लिम वोट बैंक पर निशाना साध सकती है।

उधर, भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नकवी और राम चंद्र प्रकाश का इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है। अब स्मृति ईरानी और ज्योतिरादित्य सिंधिया को क्रमश: अल्पसंख्यक मंत्रालय और स्टील मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।