पहाड़ों से घिरे खूबसूरत सिक्किम को नजदीक से देखने का मौका, IRCTC ने बनाया एक शानदार टूर प्लान, देखें डिटेल

Atul Saxena
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IRCTC Sikkim Tour : यदि आप पहाड़ों से घिरे प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर राज्य सिक्किम को देखना चाहते हैं तो आईआरसीटीसी आपको ये मौका दे रहा है, इंडियन रेलवे ने सिक्किम का टूर बनाया है इसकी पूरी डिटेल IRCTC की वेबसाईट और अधिकृत ट्विटर एकाउंट पर उपलब्ध है, हम भी आपको इसकी डिटेल बता रहे हैं।

20 नवंबर को सियालदेह रेलवे स्टेशन से रवाना होगी ट्रेन  

इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन ने NORTH SIKKIM DELIGHT नाम से एक टूर पैकेज बनाया हैं, इस टूर के लिए यात्रियों को लेकर ट्रेन सियालदेह रेलवे स्टेशन से 20 नवंबर 2023 को रवाना होगी, टूर 7 रात 8 दिन का है, इस दौरान यात्रियों को गंगटोक, लाचेन, गुरुडोंगर झील, लाचुंग और युमथांग घाटी घूमने का मौका मिलेगा।

प्रति व्यक्ति इतना देना होगा किराया  

रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इस टूर के लिए 30,500/- रुपये प्रति व्यक्ति किराया निर्धारित किया गया लेकिन ध्यान रहे ये किराया तीन वयस्क लोगों के एक साथ टिकट लेने पर लागू होगा, यदि दो लोग टूर पर जाते हैं तो उन्हें 31,500/- प्रति व्यक्ति के हिसाब से किराया देना होगा वहीं यदि एक व्यक्ति अकेला जाता है तो उसे 41,800/- रुपये का टिकट खरीदना होगा, यात्रियों को रुकने, ब्रेकफास्ट और डिनर की फ़िक्र नहीं करनी ये किराये में शामिल है।

ये है सिक्किम की विशेषताएं 

सिक्किम भारत के पूर्वोत्तर भाग में स्थित एक पर्वतीय राज्य है। इसके पश्चिम में नेपाल, उत्तर तथा पूर्व में चीनी तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र तथा दक्षिण-पूर्व में भूटान है। भारत का पश्चिम बंगाल राज्य इसके दक्षिण में है। अंग्रेजी, नेपाली, खस भाषा, लेप्चा, भूटिया, लिम्बू तथा हिंदी सिक्किम कीआधिकारिक भाषाएँ हैं। हिन्दू तथा बज्रयान बौद्ध धर्म सिक्किम के प्रमुख धर्म हैं। गंगटोक इसकी राजधानी है और सबसे बड़ा शहर है। सिक्किम की जनसंख्या भारत के राज्यों में न्यूनतम है तथा क्षेत्रफल में गोआ के बाद न्यूनतम है। अपने छोटे आकार के बावजूद सिक्किम भौगोलिक दृष्टि से काफी विविधतापूर्ण है,  दुनिया की तीसरी सबसे ऊँची चोटी कंचनजंगा सिक्किम के उत्तरी पश्चिमी भाग में नेपाल की सीमा पर है और इस पर्वत चोटी को प्रदेश के कई भागो से आसानी से देखा जा सकता है।

 


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पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं ....

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