Hindi News

राजीव गांधी का हत्यारा रिहा, भड़की कांग्रेस पीएम नरेंद्र मोदी पर साधा निशाना

Written by:Atul Saxena
Last Updated:

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारे (Rajiv Gandhi’s murderer released) एजी पेरारिवलन को आज सुप्रीम कोर्ट ने रिहा (Supreme Court releases AG Perarivalan) करने के आदेश दे दिए।  सुप्रीम कोर्ट का आदेश आते ही कांग्रेस ने इस पर विरोध जताते हुए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कांग्रेस (Congress) ने आदेश को दुर्भाग्यपूर्ण पूर्ण बताते हुए पीएम नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि क्या यह राष्ट्रवाद है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद कांग्रेस ने मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला सामने आये। उन्होंने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले से दुखी हैं, ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का एक हत्यारा रिहा हो गया। वे सिर्फ कांग्रेस के नेता नहीं थे देश के पूर्व प्रधानमंत्री थे।

ये भी पढ़ें – पुरातत्व विभाग के पूर्व अफसर ने कुतुब मीनार को लेकर किया बड़ा दावा, मीनार को बताया सन टॉवर, जाने मामला  

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)और उनकी सरकार पर निशाना साधा और आतंकवाद पर उनके दोहरे रवैया का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि क्या यही राष्ट्रवाद है ? रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यदि ऐसे ही पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या में शामिल और आतंवादियों को रिहा किया जाता रहा तो कानून का क्या होगा ?

ये भी पढ़ें – हिमालय और पेंगोंग झील की खूबसूरती नजदीक से देखें, IRCTC ने आपके लिए बनाया टूर

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारे (Rajiv Gandhi’s murderer released) एजी पेरारिवलन को आज उनके अच्छे बर्ताव को आधार बताते हुए रिहाई का आदेश दिया। जस्टिस एल नागेश्वर राव और बीआर गवई की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा, “जेल में उनके संतोषजनक आचरण, मेडिकल रिकॉर्ड, जेल में हासिल की गई शैक्षणिक योग्यता और दिसंबर 2015 से तमिलनाडु के राज्यपाल के समक्ष अनुच्छेद 161 के तहत दायर उनकी दया याचिका की लंबित होने के कारण शक्तियों का प्रयोग करते हुए अनुच्छेद 142 के तहत हम याचिकाकर्ता को मुक्त होने का निर्देश देते हैं।”

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
Follow Us :GoogleNews