Viral Video : बारिश से बचने के लिए बनवाया कुर्सी का पुल, टीचर ने लगाई छात्रों की अजीब क्लास, हुई निलंबित

आए दिन सोशल मीडिया (Social Media) पर कुछ ना कुछ तेजी से वायरल (Viral Video) हो ही जाता है। अभी हाल ही में एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल आ रहा है जिसको देखकर लोग काफी ज्यादा तारीफ कर रहे हैं।

viral video

मथुरा, डेस्क रिपोर्ट। आए दिन सोशल मीडिया (Social Media) पर कुछ ना कुछ तेजी से वायरल (Viral Video) हो ही जाता है। अभी हाल ही में एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल आ रहा है जिसको देखकर लोग काफी ज्यादा तारीफ कर रहे हैं। जी हां मथुरा में अपने टीचर के लिए स्कूल के बच्चों ने गंदे पानी में कुर्सियां लगाकर उनको बाहर निकालने के लिए एक कुर्सियों का पूल बना दिया। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है।

इस वीडियो को देखने के बाद कई लोग टीचर के प्रति बच्चों के इस भाव की तारीफ कर रहे हैं तो कुछ लोग इसे गलत भी बता रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, बलदेव क्षेत्र के ग्राम पंचायत दघेटा के एक प्राथमिक स्कूल का ये मामला है। इस स्कूल में बारिश की वजह से काफी ज्यादा पानी भर गया। जिसकी वजह से यहां गंदगी हो गई। इस गंदगी से टीचर को बाहर निकालने के लिए बच्चों से कुर्सियों का पूल बनवाया गया।

Must Read : Eyesight के लिए बेहद असरदार है ये 20-20-20 रूल, जानें इसके फायदे

टीचर ने बनवाया बच्चों से पुल – 

उसके बाद टीचर भी उस कुर्सियों के पुल पर चढ़कर स्कूल के बाहर निकली। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को देखने के बाद लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया उस पर दे रहे हैं। कोई बच्चों के भाव के प्रति तारीफ कर रहा है, तो कोई उनके खिलाफ बातें कर रहा है। इतना ही नहीं कुछ लोगों ने स्कूल में पढ़ाई पर सवाल उठाते हुए भी कई बातें कहीं हैं।

आपको बता दें, इस प्राथमिक विद्यालय में कुल 7 अध्यापिका है। इसमें से 4 महिलाएं और 3 पुरुष है। ऐसे में एक टीचर जिसका नाम पल्लवी है, वहीं सिर्फ बच्चों द्वारा बनाए गए इस कुर्सियों के पुल पर से चढ़कर निकली। जब ये वीडियो वायरल हुआ तो उस अध्यापिका को लेकर भी कई सवाल किए गए जिसके बाद उन पर एक्शन लेते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

इतना ही नहीं ग्रामीणों ने भी स्कूल के बारे बात करते हुए कहा कि इस स्कूल में आए दिन थोड़े से बारिश के पानी से ही गंदगी हो जाती है। इस वजह से बच्चों को भी काफी ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन इस गांव की ग्राम पंचायत इस बात पर ध्यान नहीं देती और ना ही कोई अधिकारी इस बात पर ध्यान देता है।