वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में हुआ पास, गृहमंत्री अमित शाह ने कहा – बिल गरीबों के हित में लाया गया, असदुद्दीन ओवैसी ने बिल फाड़ा

वक्फ संशोधन बिल (Wakf Amendment Bill) पर 12 घंटे की लंबी चर्चा देखने को मिली, लेकिन अंततः यह बिल लोकसभा में पास हो गया। बिल के खिलाफ एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यह मुसलमानों को जलील करने के लिए लाया गया है।

12 घंटे की चर्चा के बाद लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल (Wakf Amendment Bill) पास हो गया। बिल के पक्ष में 288 सांसदों ने वोट डाला, जबकि इसके विपक्ष में 232 सांसदों ने वोट डाला। इसे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा पेश किया गया था और सरकार की ओर से इसे “उम्मीद” नाम दिया गया। बिल के समर्थन में जेडीयू और एलजेपी भी रहीं। लोकसभा में बिल पर लंबी बहस देखने को मिली।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बिल (Wakf Amendment Bill) के समर्थन में कई बड़ी बातें कहीं और इसके कई फायदे गिनाए, जबकि पुराने बिल को लेकर उन्होंने कहा कि इसका गलत इस्तेमाल किया जाता रहा, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

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बिल का मकसद मुसलमानों को जलील करना : असदुद्दीन ओवैसी

वहीं, बिल (Wakf Amendment Bill) के विपक्ष में रहे एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस बिल का मकसद मुसलमानों को जलील करना है। इसी बीच उन्होंने संसद में ही बिल को फाड़ दिया और संसद की कार्यवाही छोड़कर चले गए।

वहीं, गृहमंत्री अमित शाह ने भी बिल के समर्थन में कई बातें कहीं। उन्होंने कहा कि वक्फ में गैर-इस्लामिक संपत्तियां नहीं आएंगी और ऐसा कोई भी प्रावधान इसमें शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के लिए अल्पसंख्यकों को डराया जा रहा है।

बिल गरीबों के हित में लाया गया: गृहमंत्री अमित शाह

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि यह बिल गरीबों के हित में लाया गया है। चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दुनिया में सबसे ज्यादा वक्फ प्रॉपर्टी भारत में है, तो इसका इस्तेमाल गरीब मुसलमानों को आगे बढ़ाने के लिए क्यों नहीं किया गया? जनकल्याण के लिए इसका उपयोग क्यों नहीं हुआ? उन्होंने कहा कि आज नरेंद्र मोदी सरकार गरीब मुसलमानों के लिए काम कर रही है, तो विपक्ष को इसमें परेशानी क्यों हो रही है?

विपक्ष यह भ्रम फैला रहा: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू (UMEED)

रिजिजू ने कहा कि विपक्ष यह भ्रम फैला रहा है कि इस बिल के पास हो जाने से सरकार मस्जिदें और दरगाहें छीन लेगी या मुसलमानों की प्रॉपर्टी हड़प लेगी। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है, यह झूठ है। जो प्रॉपर्टी पहले से रजिस्टर्ड हो चुकी हैं और जहां लोग निवास कर रहे हैं, उन पर किसी भी प्रकार की दखलंदाजी नहीं की जाएगी। किसी के अधिकारों का हनन नहीं होगा। जिन प्रॉपर्टी पर विवाद चल रहा है, उन पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

वक्फ बोर्ड में शिया, सुन्नी, बोहरा, मुस्लिम महिलाएं, एक्सपर्ट और नॉन-मुस्लिम भी शामिल रहेंगे

वक्फ बोर्ड में शिया, सुन्नी, बोहरा, मुस्लिम महिलाएं, एक्सपर्ट और नॉन-मुस्लिम भी शामिल रहेंगे। मंत्री रिजिजू ने कहा कि पहले कहा गया था कि कोई भी भारतीय वक्फ बना सकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस कानून को संशोधित (UMEED) किया गया है। अब वक्फ सिर्फ वही क्लेम कर सकता है, जो कम से कम 5 साल से इस्लाम धर्म को मानता हो। वक्फ बोर्ड के मेंबर नॉन-मुस्लिम भी हो सकते हैं, और इसमें दो महिलाएं भी होनी चाहिए।

इस दौरान मंत्री रिजिजू ने विपक्ष पर बड़ा हमला किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यह कैसा प्रावधान था कि वक्फ का जो कानून है, वह देश के किसी भी मौजूदा कानून से ऊपर रहेगा? कोई सरकार देश में ऐसे कानून को कैसे मंजूर कर सकती है? 2013 में जो बिल पास हुआ था, उस पर ताज्जुब है।


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Rishabh Namdev

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मैंने श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय इंदौर से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। मैं पत्रकारिता में आने वाले समय में अच्छे प्रदर्शन और कार्य अनुभव की आशा कर रहा हूं। मैंने अपने जीवन में काम करते हुए देश के निचले स्तर को गहराई से जाना है। जिसके चलते मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार बनने की इच्छा रखता हूं।

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