पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की हैट्रिक, 5 मई को लेंगी मुख्यमंत्री पद की शपथ

राज्यपाल ने ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपना त्यागपत्र सौंपा। राज्यपाल ने उनसे और मौजूदा मंत्रिपरिषद से वैकल्पिक व्यवस्था होने तक पद पर बने रहने का अनुरोध किया।

ममता बनर्जी

कोलकता, डेस्क रिपोर्ट। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव 2021 (West Bengal Assembly Election 2021) में हैट्रिक लगाने वाली ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर सरकार बनाने की तैयारियों में जुट गई है। ममता बनर्जी ने आज शाम पार्टी मुख्यालय में अपने दल के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों के साथ बैठक की, जिसमें उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया है।अब ममता बनर्जी 5 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। इसके बाद उन्होंने राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात की और मुख्यमंत्री पद की शपथ के लिए न्योता दिया।

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दरअसल, 294 में से 213 सीटों पर जीत हासिल करने वाली TMC प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) आज शाम राजभवन जाकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया और 5 मई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह का न्यौता भी दिया। राज्यपाल ने ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपना त्यागपत्र सौंपा। राज्यपाल ने उनसे और मौजूदा मंत्रिपरिषद से वैकल्पिक व्यवस्था होने तक पद पर बने रहने का अनुरोध किया।

6 मई को प्रोटेम अध्यक्ष बिमान बनर्जी (Biman Banerjee) नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाएंगे और इसी दिन बिमान बनर्जी को फिर से विधानसभा का अध्यक्ष निर्वाचित किया जाएगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंत्रियों में पुराने मंत्रियों पार्थ चटर्जी, अरुप विश्वास, फिरहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी, शोभनदेव चट्टोपाध्याय जैसे नाम शामिल रहेंगे, लेकिन इनमें से कुछ के विभाग बदल सकते हैं। वही मंत्रिमंडल में कई नए चेहरे भी शामिल होंगे।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भले ही ममता बनर्जी नंदीग्राम से अपने ही खास सिपाहसालार रहे बीजेपी प्रत्याशी सुवेन्दु अधिकारी (BJP candidate Suvendu Adhikari) से हार गई हो लेकिन मुख्यमंत्री की शपथ वही लेंगी क्योंकि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत वह मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकती हैं। अनुच्छेद 164 (4) कहता है, एक मंत्री जो लगातार छह महीने तक राज्य के विधानमंडल का सदस्य नहीं है, उसे पद छोड़ना पड़ेगा। इसका मतलब यह है कि ममता बनर्जी को छह महीने के भीतर किसी विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर आना होगा।

आपको बता दे कि 2011 में भी जब ममता बनर्जी ने पहली बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, तब वह संसद सदस्य थीं, उन्होंने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था, कुछ महीनों के बाद वह भबानीपुर से चुनी गई थीं।वर्तमान में पश्चिम बंगाल में 292 सीटों पर हुए विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 213 सीटों और बीजेपी (BJP) ने 77 सीटों जीत हासिल की है।वही वामदलों को एक भी सीट नहीं मिली जबकि कांग्रेस और अन्य को एक-एक सीट ही मिल पाई।