चाणक्य नीति के अनुसार इन 5 जगहों पर कभी न बनाएं घर, वरना हमेशा आती रहेगी परेशानी

Sanjucta Pandit
Published on -

Chanakya Niti : चाणक्य ने अपनी विशेषज्ञता के क्षेत्र में एक अद्भुत योगदान दिया है। लोग उन्हें ‘कौटिल्य’ के नाम से भी जानते हैं। वे भारतीय सांस्कृतिक और राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण व्यक्ति थे। उन्होंने मौर्य साम्राज्य के सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य को शिक्षित किया और उनकी सहायता करके भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण युग की शुरुआत की। उनकी राजनीतिक नीतियां और उपदेशों को उनके ग्रंथ “अर्थशास्त्र” और “चाणक्य नीति” में पढ़ा जा सकता है, जिसे आज भी लोगों द्वारा फॉलो किया जाता है। इसी कड़ी में आज हम उनके एक अध्याय से रुबरु करवाएंगे, जिसे अपनाने से आप हमेशा सुखी बने रहेंगे।

Chanakya Niti

दरअसल, चाणक्य के अनुसार एक व्यक्ति को अपने घर का स्थान चयन करते समय उस स्थान की हर पहलुओं का ध्यान देना चाहिए। उन्होंने घर की नींव को मजबूत बनाए रखने के लिए विभिन्न सुझाव भी दिए, जो लोगों को उनके आस-पास के परिवेश को सुरक्षित और सुखद बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। आइए विस्तार से बताते हैं…

इन 5 जगहों पर कभी न बनाएं घर

  • चाणक्य का कहना है कि सही स्थान का चयन करना जीवन की सुरक्षा और समृद्धि के लिए जरूरी होता है। व्यक्ति को अपने आदर्श और लक्ष्यों के मुताबिक एक ऐसे स्थान को चुनना चाहिए, जहां रोजगार की संभावनाएं हों, जिससे वह अपने जीवन को स्थिर बना सके।
  • चाणक्य ने समाज में लोक-लाज और सामाजिक भाव को ध्यान देने की बात की है। जिसके अनुसार हमें वहां बसना चाहिए, जहां लोगों के बीच एक अच्छे सामाजिक और नैतिक वातावरण हो। यह व्यक्ति को समृद्धि और आत्म-समर्पण का अवसर प्रदान करता है। यह व्यक्ति को अपने लक्ष्यों की प्राप्ति में मदद करता है।
  • चाणक्य के अनुसार, हमें उस जगह बसना चाहिए जहां परोपकारी और त्यागी लोग रहते हैं। जिससे आपको हर कदम पर सफलता मिलेगी। इससे आप उनके गुणों को अपना कर समाज में अपनी सहयोगिता दे सकते हैं।
  • चाणक्य एक ऐसे स्थान पर बसने की सलाह देते हैं, जहां कानून व्यवस्था का पूर्ण रूप से पालन होता है। वहां व्यक्ति सुरक्षित महसूस कर सकता है और समृद्धि के साथ रह सकता है। सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। इससे व्यक्ति अपने लक्ष्यों की प्राप्ति कर सकता है।
  • दान करने में विश्वास रखना और उसे अपने जीवन का हिस्सा बनाना एक सकारात्मक और सामाजिक दृष्टिकोण है। चाणक्य कहते हैं कि दान करने से न केवल समाज में सहयोग होता है, बल्कि यह व्यक्ति को आत्मा के साथ भी जोड़ता है। इससे समाज में मान-सम्मान भी बढ़ती है।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।)


About Author
Sanjucta Pandit

Sanjucta Pandit

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं।

Other Latest News