भूलकर भी मृतकों की इन चीजों का ना करें इस्तेमाल, लग सकता है पितृ दोष का श्राप

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Astro Tips : देवी देवताओं को हिंदू धर्म में जितना महत्व दिया गया है, उतना ही पितरों का भी महत्व माना जाता है। हिंदू धर्म में पितरों को सबसे ज्यादा सम्मान दिया जाता है। इसी वजह से अमावस्या के दिन पितरों को याद कर उनके निमित्त श्रद्धा और तर्पण जैसे कार्य किए जाते हैं। पितरों की पूजा अर्चना की जाती है ताकि उनकी आत्मा तृप्त रहे और जीवन में किसी भी तरह की कोई समस्या देखना ना देखना पड़े। लेकिन लोगों द्वारा की गई कुछ गलतियां उनके जीवन के लिए भारी पड़ जाती है।

कहा जाता है कि किसी भी मृतक इंसान की चीजों का इस्तेमाल उनके जाने के बाद नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि कुछ लोग तो ऐसा नहीं करते हैं लेकिन जो करते हैं वह पितृ दोष का शिकार हो जाते हैं। जी हां, मृतक व्यक्ति के सामानों का इस्तेमाल करने से पितृ दोष लग सकता हैं। पितृ दोष को सबसे खतरनाक माना जाता है। ज्योतिषों की माने तो कालसर्प दोष के बाद अगर कोई दोष सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है तो वह है पितृ दोष। ये श्राप की तरह काम करता है।

ये ज्यादातर उन व्यक्तियों को और परिवार के सदस्यों को लगता है जो अपने पितरों का अनादर करते हैं और उनकी चीजों का इस्तेमाल करते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं तो अब भूलकर भी ना करें क्योंकि आप भी पितृ दोष का शिकार हो सकते हैं। ये आपके जीवन पर बहु गहरा असर डाल सकता है। इससे जीवन में परेशानियां आने के साथ ही साथ धन हानि और स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतें झेलनी पड़ सकती हैं। आज हम आपको ज्योतिषों द्वारा बताई गई कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका इस्तेमाल कभी भी नहीं किया जाना चाहिए। तो चलिए जानते हैं उन चीजों के बारे में –

इन चीजों का ना करें इस्तेमाल

गहने और आभूषण

ज्योतिषों का मानना है कि मृतक व्यक्ति के गहने जेवर और आभूषण का इस्तेमाल भूल कर भी नहीं किया जाना चाहिए। क्योंकि हर इंसान को अपने गहनों से काफी ज्यादा लगा होता है। ऐसे में उनके मरने के बाद भी उनका लगाव इन चीजों से नहीं हटाता। ऐसे में अगर उनके प्रिय गहने और आभूषण का इस्तेमाल अगर कोई करता है तो वह पितृ दोष का शिकार हो सकता है। उसकी जीवन में काफी ज्यादा परेशानियां आ सकती है।

कहा जाता है कि अगर मृतक के गहनें और आभूषण पहने जाएं तो उनकी आत्मा उस व्यक्ति के साथ जुड़ जाती है और फिर वह जीवन भर दुःख का करण बनती है। अगर आप मृतकों के गहनों और आभूषणों का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो आप उन्हें नए सिरे से बनवा कर पहन सकते हैं। लेकिन उसी अवस्था में उन गहनों को पहनने से बचना चाहिए। क्क्योंकि पितृ दोष खतरनाक दोषों में से एक है जो जीवन को दिक्कतों में डाल सकता है।

कपड़ों का इस्तेमाल

मृतक व्यक्ति के कपड़ों का इस्तेमाल भूलकर भी नहीं किया जाना चाहिए। कपड़ों से भी सभी को लगाव होता है। ऐसे में अगर कोई उनके कपड़ों का इस्तेमाल उनके मरने के बाद करता है तो इससे भी पितृ दोष का शिकार हो सकते हैं। कहा जाता है कि मृतक आत्मा संसार का मोह आसानी से नहीं छोड़ती हैं। इस वजह से वह परेशानियां खड़ी कर सकती है। अगर आप भी उनके कपड़ों का इस्तेमाल करते हैं तो आज ही बंद कर दें। इससे अच्छा उन कपड़ों को किसी और कर दें। जरुरतमंदों को कपड़ों का दान करने से मृतक की आत्मा को शांति मिलने के साथ ही उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होगी।

घड़ी का इस्तेमाल न करें

मृतकों की घड़ी का इस्तेमाल भी कभी नहीं करना चाहिए इसे भी दान कर देना चाहिए। घड़ी का इस्तेमाल करने से सकारात्मक ऊर्जा नकारात्मक में बदल जाती है और अच्छा चल रहा समय बुरा बन जाता है। ये जीवन में परेशानियां खड़ी कर देता है। ऐसा करने से आप बुरे सपनों के शिकार भी हो सकते हैं। इतना ही नहीं आपको डर भी लग सकता है। इस लिए आप इसका दान कर दें लेकिन इस्तेमाल ना करें नहीं तो ये आपके लिए परेशानी खड़ी कर देगा और आप पितृ दोष का भी शिकार हो सकते हैं।

डिस्क्लेमर – इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। एमपी ब्रेकिंग इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।


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Ayushi Jain

मुझे यह कहने की ज़रूरत नहीं है कि अपने आसपास की चीज़ों, घटनाओं और लोगों के बारे में ताज़ा जानकारी रखना मनुष्य का सहज स्वभाव है। उसमें जिज्ञासा का भाव बहुत प्रबल होता है। यही जिज्ञासा समाचार और व्यापक अर्थ में पत्रकारिता का मूल तत्त्व है। मुझे गर्व है मैं एक पत्रकार हूं। मैं पत्रकारिता में 4 वर्षों से सक्रिय हूं। मुझे डिजिटल मीडिया से लेकर प्रिंट मीडिया तक का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कंटेंट राइटिंग, कंटेंट क्यूरेशन, और कॉपी टाइपिंग में कुशल हूं। मैं वास्तविक समय की खबरों को कवर करने और उन्हें प्रस्तुत करने में उत्कृष्ट। मैं दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली से संबंधित विभिन्न विषयों पर लिखना जानती हूं। मैने माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से बीएससी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन किया है। वहीं पोस्ट ग्रेजुएशन एमए विज्ञापन और जनसंपर्क में किया है।

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