गुरु पूर्णिमा : गुरुओं को समर्पित इस दिन करें इन चीजों का दान, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

सनातन धर्म ही नहीं बल्कि दुनिया के हर धर्म में गुरु का स्थान सबसे उच्च माना गया है और ऐसा क्यों ना हो, जीवन को आकार देने का काम गुरु ही तो करता है।

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नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। ‘गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरुर देवो महेश्वरः, गुरुः साक्षात्परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नमः’ अर्थात गुरु ही ब्रह्मा है, गुरु ही विष्णु भी, गुरु प्रभु महेश्वर के समान हैं। सच्चा गुरु, जो आंखो के समक्ष है, उस एकमात्र सच्चे गुरु को मैं नमन करता हूं। सनातन धर्म ही नहीं बल्कि दुनिया के हर धर्म में गुरु का स्थान सबसे उच्च माना गया है और ऐसा क्यों ना हो, जीवन को आकार देने का काम गुरु ही तो करता है। तभी तो संत कबीर भी यह लिखने को मजबूर हो गए कि –

गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागू पाय ।
बलिहारी गुरु आपनो, जिन गोविंद दियो बताय ।।

अर्थात गुरु और भगवान दोनों ही मेरे सम्मुख खड़े है, तो सबसे पहले मैं किसके चरण स्पर्श करू?, परन्तु गुरु ने ईश्वर को जानने का मार्ग दिखाया है, तो ईश्वर से पहले मैं गुरु के चरण छुऊंगा।

ये तो जाहिर है कि गुरुओं को ज्ञान के बदले में हम कुछ भी नहीं दे सकते, लेकिन फिर भी सम्मान के रूप में उनके सामने नतमस्तक होकर ये तो एहसास दिला ही सकते है कि वह हमारे लिए कितने खास है। गुरुओं के योगदान को याद करने के लिए ही प्रतिवर्ष हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ महीने की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है।

तो आइये जानते है इस त्योहार का महत्व, बनाने की विधि और इस वर्ष का शुभ मुहूर्त

गुरु पूर्णिमा का महत्व

गुरु पूर्णिमा वाले दिन गुरु की पूजा की जाती है। इस साल गुरु पूर्णिमा 13 जुलाई 2022 को मनाई जाएगी। दरअसल, गुरु पूर्णिमा गुरु वेद व्यास के जन्मदिन पर मनाई जाती है, जिन्होंने वेद-पुराणों की रचना की है।

पूजा अर्चना की विधि

  • गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें
  • इसके पश्चात सूर्य को जल अर्पित करें
  • भगवान विष्णु जी की पूजा करें
  • पूजा के लिए आटे की पंजीरी भोग लगाएं
  • पूजा के दौरान घी का दीपक जलाएं
  • गुरु पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ पर मीठा जल चढ़ाएं, इससे घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है
  • कुंडली में अगर गुरु दोष है तो बृहस्पति मंत्र ‘ऊँ बृं बृहस्पतये नमः’ का जाप करें

इस साल का शुभ मुहूर्त

इस साल आषाढ़ पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त 13 जुलाई बुधवार को सुबह 4 बजकर 1 मिनट पर शुरू है और 14 जुलाई को आधी रात 12 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। इस दौरान आप पूजा अर्चना कर दान कर सकते है। गुरु पूर्णिमा वाले दिन पीली चीजों का बहुत महत्व रहता है।

इस दिन आप बेसन, दाल, पीले कपड़े और मिठाई का दान करें। इसके अलावा मां लक्ष्मी के मंदिर में गोल नारियल का दान करें इससे जीवन के सभी बिगड़े काम बन जाएंगे।