हरियाली तीज आज, इस खास उपाय से मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद, भूलकर भी न करें ये 4 काम, ऐसे करें पूजा

Hariyali Teej 2023: हिन्दू धर्म में हरियाली तीज का खास महत्व होता है। सुहागिन महिलायें अपने पति की लंबी उम्र के लिए इस दिन व्रत रखती हैं। वहीं अविवाहित कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव का पुनर्मिलन हुआ था। इस दिन व्रत और पूजा करने से पति-पत्नी के जीवन में शिव-पार्वती जैसे प्रेम होता है। इस बार हरियाली तीज पर बुधादित्य योग, त्रीग्रही और सिद्धि योग में पूजा अर्चना की जाएगी।

जरूर करें ये उपाय

हरियाली तीज के दिन कुछ उपायों को करना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा करने से माता पार्वती और शिवजी प्रसन्न होते हैं और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद देते हैं। यदि आप सुखी वैवाहिक जीवन की कामना रखते हैं तो इस उपाय को अवश्य करें। दूध में केसर और हल्दी मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें और “ॐ गृहस्थ सुख सिद्धये रुद्राय नमः” का जाप करें। खीर और फलों का भोग लगाएं। फूलों और चंदन से शिवलिंग का शृंगार करें। शिव मंदिर में 11 दीप जलाने से महोकामना पूरी होगी। माता पार्वती के चरणों में चढ़ाए गए सिंदूर से मांग जरूर भरे।

भूलकर भी न करें ये काम

  • हरीयली तीज के दिन काले वस्त्र और काली चूड़ियों को धारण ना करें। हरा या लाल रंग शुभ होगा।
  • इस दिन व्रत रखने वाली महिलाओं को सोना नहीं चाहिए। रात भर भोलेनाथ और माता पार्वती का ध्यान करना और कीर्तन करना शुभ माना जाता है।
  • व्रत के दिन भूलकर भी जल या दूध का सेवन न करें।
  • इस दिन अपने पति से लड़ाई-झगड़ा करने की कोशिश न करें। साथ ही अशब्द बोलने से बचें।

ऐसे करें पूजा

  • व्रत का संकल्प लें। 16 शृंगार कर पूरे दिन उपासना करें।
  • मायके से आए हुए कपड़े पहने। हरे रंग की चूड़िया धारण करें और मेहंदी लगाएं।
  • एक चौकी पर माता पार्वती, भगवान शिव और गणेश जी तस्वीर और प्रतिमा स्थापित करें।
  • शृंगार की समाग्री, साड़ी, धूप, अक्षत, गंध और धूप माता पार्वती को अर्पित करें।
  • भगवान शिव पर अक्षत, बेल पत्र, सफेद फूल, धूप, धतूरा, भाँग इत्यादि अर्पित करें।
  • भगवान गणेश की पूजा करें और भोग अर्पित करें।
  • हरियाली तीज की कथा सुनें।
  • आरती के साथ पूजा का समापन करें।

(Disclaimer: इस आलेख का उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना है। MP Breaking News इन बातों की पुष्टि नहीं करता।)


About Author
Manisha Kumari Pandey

Manisha Kumari Pandey

पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।"

Other Latest News