घर की किस दिशा में लगाना चाहिए घड़ी, जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र

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Vastu Tips For Clock: हिंदू धर्म में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व है। वास्तु शास्त्र में घर के निर्माण से लेकर घर की वस्तुओं को किस दिशा में रखना चाहिए तक का वर्णन किया गया है। अगर हम वास्तु शास्त्र के बताए गए मार्गदर्शन पर चलते हैं, वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करते हैं तो किसी भी प्रकार का दोष हमारे जीवन में प्रभाव नहीं डालता है। जब व्यक्ति को वास्तु शास्त्र का ज्ञान नहीं होता है और जाने अनजाने में गलतियां होती हैं तो इसका असर जीवन पर पड़ता है। इसी के चलते आज हम घड़ी से जुड़े कुछ वास्तु नियम के बारे में जानेंगे। वास्तु शास्त्र में ऐसा कहा गया है कि घर की दीवार पर टंगी घड़ी इंसान के जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है। अगर आप घर या अपने ऑफिस में घड़ी लगा रहे हैं तो इससे पहले वास्तु शास्त्र के कुछ नियम को जानना बहुत जरूरी है, तो चलिए जानते हैं घड़ी को लेकर वास्तु शास्त्र में क्या कहा गया है।

किस दिशा में लगाएं घड़ी

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की दीवार पर घड़ी लगाने के लिए सबसे अच्छी दिशा उत्तर पूर्व दिशा है। इस दिशा कुबेर का क्षेत्र माना जाता है, जो धन और समृद्धि का कारक है। घड़ी को उत्तर पूर्व दिशा में लगाने से घर में धन और समृद्धि का संचार होता है

किस दिशा में भूलकर भी ना लगाएं घड़ी

1. दक्षिण दिशा में घड़ी लगाना अशुभ माना जाता है। यह दिशा यह की दिशा मानी जाती है। पैसा माना जाता है कि इस दिशा में घड़ी लगाने से बिजनेस के मार्ग में बढ़ाएं आती है।

2. इसके अलावा पश्चिम दिशा में भी घड़ी लगाना शुभ माना जाता है। यह दिशा अग्नि की दिशा होती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिशा में घड़ी लगाने से घर में क्लेश और लड़ाई-झगड़े होते हैं।

घड़ी का आकार कैसा होना चाहिए

आजकल घड़ियों में नई-नई डिजाइन और आकार आने लगे हैं। जिसके चलते लोग अपने घर में तरह-तरह की आकार की घड़ियां लगते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार घर या ऑफिस पर हमेशा गोल आकार की घड़ी लगाना चाहिए। गोल आकार हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

घड़ी का रंग कैसा होना चाहिए

वास्तु शास्त्र के अनुसार घड़ी का रंग सफेद, स्वर्ण या हल्का होना चाहिए। यह रंग सकारात्मक ऊर्जा को अपनी तरफ खींचते हैं।

(डिस्क्लेमर : ये लेख विभिन्न धार्मिक स्त्रोतों से प्राप्त जानकारियों के आधार पर लिखा गया है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।)


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भावना चौबे

भावना चौबे

इस रंगीन दुनिया में खबरों का अपना अलग ही रंग होता है। यह रंग इतना चमकदार होता है कि सभी की आंखें खोल देता है। यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि कलम में बहुत ताकत होती है। इसी ताकत को बरकरार रखने के लिए मैं हर रोज पत्रकारिता के नए-नए पहलुओं को समझती और सीखती हूं। मैंने श्री वैष्णव इंस्टिट्यूट ऑफ़ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन इंदौर से बीए स्नातक किया है। अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए, मैं अब DAVV यूनिवर्सिटी में इसी विषय में स्नातकोत्तर कर रही हूं। पत्रकारिता का यह सफर अभी शुरू हुआ है, लेकिन मैं इसमें आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हूं। मुझे कंटेंट राइटिंग, कॉपी राइटिंग और वॉइस ओवर का अच्छा ज्ञान है। मुझे मनोरंजन, जीवनशैली और धर्म जैसे विषयों पर लिखना अच्छा लगता है। मेरा मानना है कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है। यह समाज को सच दिखाने और लोगों को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। मैं अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करूंगी।

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