Sita Ashtami 2023 : सीता अष्टमी पर इस विधि से करें माता जानकी की पूजा, जीवन में आएगी सुख-समृद्धि

Shruty Kushwaha
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Sita Ashtami 2023 : आज सीता अष्टमी है। धार्मिक मान्यतानुसार आज ही के दिन माता सीता धरती पर प्रकट हुई थीं। इसीलिए हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को सीता अष्टमी मनाई जाती है। इसे सीता जयंती या जानकी जयंती भी कहा जाता है। आज के दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और माता सीता व श्रीराम की पूजा करती हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी आज के दिन सभी को शुभकामनाएं दी हैं।

धरती पुत्री हैं माता सीता 

रामायण की कथा अनुसार माता सीता धरती पुत्री हैं। उनके पिता राजा जनक एक बार खेत में धरती जोत रहे थे और उस समय उन्हें धरती में से एक सुंदर कन्या शिशु मिली जो सोने की डलिया में थी। राजा जनक की उस समय कोई संतान नहीं थी और उन्होने इस कन्या को गोद ले लिया। उसका नाम सीता रखा गया और वो जनक की सबसे प्रिय पुत्री कहलाईं। देवी सीता में दिव्य गुण थे। बुद्धि, विवेक, संयम, धैर्यशीलता, स्वाभिमान, निडरता, करूणा, प्रेम, गरिमा सहित जितने भी गुण एक सज्जन व्यक्ति में हो सकते हैं, वो सभी सम्मिलित थे।

इस विधि से करें पूजा

सीता अष्टमी का व्रत पुरुष भी रखत सकते हैं। इससे उन्हें देवी सीता जैसी सुशील और विवेकशील पत्नी की प्राप्ति होती है। इसी के साथ जिन युवाओं का विवाह नहीं हो रहा, वे भी ये व्रत कर सकते हैं। आज के दिन स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। पहले श्री गणेश और दुर्गा मां की पूजा करें और फिर सियाराम का पूजन शुरू करें। माता सीता के पूजन के लिए उनकी और श्रीराम की तस्वीर के सामने श्रृंगार का सामान रखें और पीले वस्त्र तथा पीले फूल अर्पित करें। उन्हें प्रसाद में भी पीले व्यंजनों का ही भोग लगाएं। इसके बाद आरती करें और 108 बार ‘श्री जानकी रामाभ्यां नमः’ मंत्र का जाप करें। आज के दिन गुड़ से बने खाद्य पदार्थ खाना चाहिए और इनका दान भी करना चाहिए। शाम को पूजा के बाद प्रसाद से ही अपना व्रत खोलें। आज का दिन हनुमान जी को भी समर्पित है और आज इनकी भी पूजा की जाती है। मान्यता है कि बजरंगबली की पूजा करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है।

(डिस्क्लेमर– ये लेख धार्मिक मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं)


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Shruty Kushwaha

Shruty Kushwaha

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि।

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